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छत्तीसगढ़ में कलेक्टरों की छुट्टी की तैयारी: परफॉर्मेंस के आधार पर ‘मैदान’ से हटेंगे कई चेहरे, युवाओं को मिलेगी जिलों की कमान!

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The Khatiya Khadi News रायपुर 22 मार्च : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के समापन के साथ ही अब राज्य सरकार का पूरा ध्यान प्रशासनिक सर्जरी पर टिक गया है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय के साथ-साथ प्रदेश के कई जिलों के कलेक्टरों को बदलने की सूची फाइनल हो चुकी है। इस बार का फेरबदल महज एक रूटीन प्रक्रिया नहीं, बल्कि ‘परफॉर्मेंस’ और ‘पॉलिटिकल अलाइनमेंट’ का एक बड़ा टेस्ट माना जा रहा है।


क्यों गिर सकती है कुछ कलेक्टरों पर गाज?

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने जिला स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा की है, जिसमें कुछ जिलों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं पाया गया है। तबादलों के पीछे ये तीन प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:

  • धीमी विकास दर: केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं (जैसे जल जीवन मिशन, पीएम आवास) के क्रियान्वयन में जो जिले पिछड़ रहे हैं, वहां के कलेक्टरों को मंत्रालय वापस बुलाया जा सकता है।

  • प्रशासनिक तालमेल की कमी: जिन जिलों में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की कमी की खबरें सीएम हाउस तक पहुँची हैं, वहां बदलाव तय माना जा रहा है।

  • आगामी लक्ष्यों की तैयारी: सरकार अगले वित्तीय वर्ष के लिए अपनी नई प्राथमिकताओं को जमीन पर उतारने के लिए “रिजल्ट ओरिएंटेड” अफसरों को फील्ड पर तैनात करना चाहती है।

युवा अफसरों पर दांव खेलेगी सरकार

चर्चा है कि इस बार सरकार 2013 से 2017 बैच के युवा और सक्रिय आईएएस (IAS) अधिकारियों को बड़े और चुनौतीपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी सौंप सकती है।

“सरकार का मानना है कि युवा अफसर नई तकनीक और ऊर्जा के साथ सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं।”

किन जिलों में है बदलाव की सबसे ज्यादा चर्चा?

बस्तर संभाग के कुछ संवेदनशील जिलों के साथ-साथ मध्य छत्तीसगढ़ के उन जिलों में फेरबदल की प्रबल संभावना है, जहां कलेक्टरों का कार्यकाल 2 साल से अधिक हो चुका है। कांकेर कलेक्टर के केंद्र जाने की खबरों के बीच पड़ोसी जिलों में भी प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

मंत्रालय में भी मचेगी खलबली

कलेक्टरों की अदला-बदली के साथ ही मंत्रालय (महानदी भवन) में भी भारी उलटफेर होगा। फील्ड से हटने वाले अनुभवी कलेक्टरों को मंत्रालय में सचिव या विशेष सचिव के पदों पर पदस्थ कर उनके अनुभव का लाभ नीति निर्धारण में लिया जाएगा।


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