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रायपुर: भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले में पूर्व एडिशनल कलेक्टर निर्भय साहू गिरफ्तार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने फरार चल रहे पूर्व एडिशनल कलेक्टर निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। साहू पर रायपुर के अभनपुर में एसडीएम और भू-अर्जन प्राधिकारी के पद पर रहते हुए करोड़ों रुपये के गबन का आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

जांच के अनुसार, निर्भय कुमार साहू ने अभनपुर के ग्राम नायकबांधा, उगेतरा, उरला, भेलवाडीह और टोकरो में सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने पटवारी, राजस्व निरीक्षक और जमीन कारोबारियों (हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी व अन्य) के साथ मिलकर सुनियोजित साजिश रची।

घोटाले के मुख्य बिंदु:

  • बैक डेट में उपखंड: प्रभावित जमीनों को पिछले दस्तावेजों में छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया गया ताकि वास्तविक दर से कई गुना अधिक मुआवजा लिया जा सके।

  • दोहरा मुआवजा: नायकबांधा जलाशय की वह भूमि, जिसका अधिग्रहण पहले ही हो चुका था, उसे दोबारा अधिग्रहित दिखाकर शासन की राशि हड़पी गई।

  • आर्थिक क्षति: इस हेराफेरी से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुँचाया गया।

निलंबन और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए मार्च 2025 में, जब निर्भय साहू जगदलपुर के नगर निगम आयुक्त थे, उन्हें निलंबित कर दिया गया था। सरकार ने केस की जांच ईओडब्ल्यू (EOW) को सौंपी थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी अधिकारी फरार थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका भी दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

13 दिनों की रिमांड पर

विशेष न्यायालय से स्थायी वारंट जारी होने के बाद एसीबी की टीम उनकी तलाश में जुटी थी। गिरफ्तारी के बाद, न्यायालय ने निर्भय कुमार साहू को पूछताछ के लिए 17 मार्च से 30 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान घोटाले की कड़ियों और इसमें शामिल अन्य चेहरों को लेकर अहम खुलासे होने की संभावना है।


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