रायपुर/दिल्ली: छत्तीसगढ़ कैडर के 1998 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी और वर्तमान ADG (इंटेलिजेंस) अमित कुमार को लेकर सस्पेंस गहरा गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें ADG रैंक के लिए एम्पैनल (Empanel) कर लिया है, जिसके बाद उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।
ED या CBI: कहां होगी अगली पोस्टिंग?
प्रशासनिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या अमित कुमार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) में ‘स्पेशल डायरेक्टर’ जैसी किसी हाई-प्रोफाइल कुर्सी पर बैठाया जा सकता है?
क्यों हैं वो पहली पसंद?
बेदाग रिकॉर्ड: उनका अब तक का करियर विवादों से परे और बेहद प्रोफेशनल रहा है।
जांच का अनुभव: वे पहले भी CBI में जॉइंट डायरेक्टर के तौर पर अपनी काबिलियत साबित कर चुके हैं।
रणनीतिक पकड़: नक्सल प्रभावित जिलों से लेकर राजधानी रायपुर तक, उन्होंने कानून-व्यवस्था और इंटेलिजेंस में लोहा मनवाया है।
30 अधिकारियों की लिस्ट में खास नाम
केंद्र सरकार ने 1998 बैच के कुल 30 आईपीएस अधिकारियों को ADG रैंक के लिए हरी झंडी दी है, जिसमें अमित कुमार का नाम प्रमुखता से शामिल है। जनवरी 2024 से छत्तीसगढ़ की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र की कमान संभाल रहे इस अधिकारी का जाना राज्य पुलिस के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
सख्त, निष्पक्ष और ‘रिजल्ट ओरिएंटेड’
अमित कुमार को पुलिस महकमे में एक ऐसे अधिकारी के रूप में जाना जाता है जो कम बोलते हैं और उनके नतीजे ज्यादा शोर मचाते हैं। दुर्ग, राजनांदगांव और बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में उनकी कप्तानी को आज भी याद किया जाता है।
निष्कर्ष: फिलहाल दिल्ली से आधिकारिक मुहर लगना बाकी है, लेकिन अमित कुमार का एम्पैनलमेंट इस बात का साफ संकेत है कि केंद्र सरकार उन्हें किसी बड़े और रणनीतिक मिशन पर तैनात करने की तैयारी में है। क्या वे दिल्ली जाएंगे या छत्तीसगढ़ में ही कोई नई जिम्मेदारी संभालेंगे? इसका जवाब जल्द ही सामने आएगा।
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