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कलेक्टर की ‘फील्ड सर्जिकल स्ट्राइक’: पैदल चलकर नापी 3.6 किमी सड़क, ठेकेदारों में मचा हड़कंप

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कोरबा | 12 मार्च 2026 कोरबा जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वालों की अब खैर नहीं है। कलेक्टर कुणाल दुदावत की कार्यशैली ने जिले के प्रशासनिक गलियारों और निर्माण ठेकेदारों के बीच हड़कंप मचा दिया है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की ललक और उनकी ‘फील्ड सर्जिकल स्ट्राइक’ ने व्यवस्था को पूरी तरह चौकन्ना कर दिया है।

एसी रूम छोड़, तपती सड़क पर उतरे कलेक्टर

प्रधानमंत्री जनमन योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर को सूचना मिली कि कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम देवपहरी से सोनारी एवं जामभाठा तक सड़क निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसकी वास्तविकता और गुणवत्ता जांचने के लिए कलेक्टर बिना किसी तामझाम के सीधे मौके पर पहुंच गए।

हैरानी की बात यह रही कि कलेक्टर ने केवल गाड़ी से सफर नहीं किया, बल्कि 3 किलोमीटर 600 मीटर लंबी नवनिर्मित सड़क पर पैदल चलकर उसकी मजबूती, मोड़, और उतार-चढ़ाव का बारीकी से अध्ययन किया। उनकी इस सक्रियता को देखकर मौके पर मौजूद अधिकारियों और ठेकेदारों के पसीने छूट गए।

गुणवत्ता से समझौता यानी सख्त कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर दुदावत ने सड़क की संपूर्ण संरचना का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता और ठेकेदार को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया:

▪️तकनीकी शर्तों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है।▪️निर्माण की समय-सीमा में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं होगी।▪️पीवीटीजी (विशेष पिछड़ी जनजाति) बसाहटों के लिए बनाई जा रही ये सड़कें उनकी जीवन रेखा हैं, इसलिए गुणवत्ता सर्वोच्च होनी चाहिए।

बदलेगी गांवों की तस्वीर

कलेक्टर ने बताया कि सोनारी, जामभाठा और बाघमारा जैसी बसाहटों के पक्की सड़क से जुड़ने का मतलब है—गाँव तक एम्बुलेंस, स्कूल बस, राशन की गाड़ी और सरकारी सेवाओं का निर्बाध पहुंचना। उन्होंने गढउपरोड़ा मार्ग का भी अवलोकन किया और कार्यों पर संतोष जताते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर के इस ‘एक्शन मोड’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब फील्ड में काम की गुणवत्ता ही उनकी प्राथमिकता है।

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