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छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव: लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम ने भरा पर्चा, निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटों के लिए जारी सियासी हलचल के बीच बुधवार को नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई। सत्ताधारी दल भाजपा की ओर से लक्ष्मी वर्मा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से फूलोदेवी नेताम ने विधानसभा भवन पहुंचकर अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।

विधानसभा के मौजूदा गणित को देखते हुए इन दोनों ही महिला नेत्रियों का निर्विरोध चुना जाना अब महज औपचारिकता माना जा रहा है।

शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन

नामांकन के आखिरी दिन विधानसभा परिसर में भारी गहमागहमी रही। दोनों ही खेमों ने अपनी एकजुटता दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी:

  • भाजपा का दांव: लक्ष्मी वर्मा के नामांकन के समय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप और प्रदेश अध्यक्ष किरण देव , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे मौजूद रहे। लक्ष्मी वर्मा ने नामांकन के तीन सेट जमा किए, जो भाजपा की जमीनी पकड़ और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

  • कांग्रेस का भरोसा: कांग्रेस ने अपनी वर्तमान राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम पर दोबारा भरोसा जताया है। उनके नामांकन के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित पार्टी के दिग्गज विधायक और नेता उपस्थित रहे।

संख्या बल का गणित

छत्तीसगढ़ विधानसभा में सीटों की वर्तमान स्थिति के आधार पर भाजपा और कांग्रेस को एक-एक सीट मिलना पहले से ही तय था। यही कारण है कि किसी तीसरे उम्मीदवार के मैदान में न होने से चुनावी मुकाबला अब पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है।

खास बात: दोनों ही दलों ने महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता देकर आधी आबादी को साधने का एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।


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