नई दिल्ली: साल का पहला चंद्र ग्रहण आज दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होने जा रहा है, जो शाम 6 बजकर 47 मिनट तक चलेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार, यह एक खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा जो सिंह राशि में लगने जा रहा है, जहाँ छाया ग्रह केतु पहले से ही स्थित हैं।
भारत में दिखेगा असर और सूतक काल
यह ग्रहण भारत के विभिन्न हिस्सों में पूर्ण रूप से दिखाई देगा। क्योंकि यह भारत में दृश्यमान है, इसलिए इसका सूतक काल प्रभावी रहेगा। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, गुवाहाटी और ईटानगर जैसे शहरों में चांद का अद्भुत नजारा (Blood Moon) देखा जा सकेगा। भारत के अलावा यह एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और पैसिफिक द्वीपों में भी नजर आएगा।
सावधानियां: क्या करें और क्या न करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान कुछ विशेष सावधानियां बरतनी जरूरी हैं:
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सीधे देखने से बचें: माना जाता है कि ग्रहण को सीधे देखने से मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।
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गर्भवती महिलाएं: ज्योतिषियों के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान चांद की रोशनी के संपर्क में आने से बचना चाहिए और घर के भीतर ही रहना चाहिए।
ग्रहण के बाद शुद्धिकरण और दान का महत्व
चंद्र ग्रहण की समाप्ति के बाद शास्त्रों में दान-पुण्य को विशेष फलदायी बताया गया है:
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स्नान: ग्रहण खत्म होते ही गंगाजल मिले पानी से स्नान करना शुभ माना जाता है।
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सफेद वस्तुओं का दान: चंद्रमा का संबंध श्वेत रंग से है, इसलिए चावल, दूध, दही, और सफेद मिठाई का दान करने से ‘चंद्र दोष’ शांत होता है।
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वस्त्र और धातु: सफेद वस्त्र और सामर्थ्य अनुसार चांदी का दान करने से घर में सकारात्मकता आती है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। यह केवल सूचना के उद्देश्य से साझा की गई है। ग्रहण को देखने या न देखने का निर्णय व्यक्तिगत विवेक और वैज्ञानिक परामर्श पर आधारित होना चाहिए।
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