कोरबा। एनकेएच (NKH) ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के हृदय रोग विभाग ने एक 65 वर्षीय बुजुर्ग की सफल एंजियोप्लास्टी कर उन्हें मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया है। यह मामला इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि मरीज न केवल हृदय रोग, बल्कि किडनी की गंभीर बीमारी और उच्च रक्तचाप (बीपी) से भी जूझ रहा था।
प्रमुख जानकारी
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मरीज की स्थिति: पिछले 15 दिनों से सीने में दर्द और सांस फूलने की समस्या।
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चुनौती: बुजुर्ग मरीज को पहले से ही किडनी की बीमारी थी, जिससे ऑपरेशन का जोखिम बढ़ गया था।
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सफलता: वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश सूर्यवंशी एवं उनकी टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए सफल एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की।
बाहर जाने की जरूरत नहीं, कम खर्च में हुआ इलाज
परिजनों ने बताया कि इसी उपचार के लिए अन्य शहरों (जैसे बिलासपुर) में लगभग 3.5 लाख रुपये का खर्च बताया गया था। लेकिन कोरबा के NKH हॉस्पिटल में अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में यह इलाज न केवल सफल रहा, बल्कि काफी कम खर्च में संपन्न हुआ।
अस्पताल की उपलब्धि: > डॉ. सतीश सूर्यवंशी और उनकी टीम अब तक 45 से अधिक हृदय रोगियों का सफल उपचार कर चुकी है। हाल ही में टीम ने 5 एंजियोप्लास्टी और 7 एंजियोग्राफी प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।
इस सफल ऑपरेशन से यह सिद्ध हो गया है कि अब कोरबा के निवासियों को गंभीर हृदय रोगों के इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है। उन्नत मशीनें और विशेषज्ञ डॉक्टर अब स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हैं।
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