कोरबा 16 अप्रैल 2026। साल 2009 के भीषण बालको चिमनी हादसे में न्याय की प्रक्रिया को बाधित करने वाली एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। कोरबा पुलिस ने शहर के होटल ‘ग्रैंड गोविंदा’ में छापेमारी कर इस मामले के महत्वपूर्ण गवाह पृथ्वीनाथ सिंह को मुख्य आरोपी सगामसेट्टी व्यंकटेश के साथ रंगे हाथों पकड़ा है।
Advt

होटल के कमरा नंबर 202 में रची गई पटकथा
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एएसपी लखन पटले के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। जांच में पता चला कि होटल का कमरा नंबर 202 जीडीसीएल कंपनी द्वारा बुक कराया गया था। कमरे में गवाह अपने बेटे और आरोपी के साथ मौजूद था, जिससे यह साफ हो गया कि गवाह को अदालत में बयान बदलने या प्रभावित करने के लिए वहां छिपाकर रखा गया था।
मोबाइल ने उगले राज, व्हाट्सएप पर भेजे गए बयान
पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपी व्यंकटेश सकपका गया। तलाशी के दौरान उसके मोबाइल से डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिसमें गवाह के बयानों की फोटो व्हाट्सएप के जरिए गवाह के बेटे को भेजी गई थी। पुलिस ने इन तमाम डिजिटल सबूतों का पंचनामा तैयार कर लिया है, जो अब अदालत में इस साजिश का सबसे बड़ा प्रमाण बनेंगे।
40 मजदूरों की मौत का इंसाफ: अब होगी आर-पार की सुनवाई
गौरतलब है कि 2009 के हादसे में 40 मजदूरों की जान गई थी। बिलासपुर उच्च न्यायालय के निर्देश पर यह मामला समय-सीमा के भीतर सुनवाई के दौर में है। लंबे समय से गवाहों के मुकरने और पेश न होने के पीछे जीडीसीएल कंपनी पर आरोप लगते रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई ने अब मामले में निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद जगा दी है।
।।।








