सिंधिया समर्थकों के खिलाफ बीजेपी विधायक की बगावत
गुना 31 मई। मध्य प्रदेश के गुना में अघोषित बिजली कटौती से भड़के भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को बिजली संकट से त्रस्त जनता के साथ बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंचे विधायक ने अधिकारियों का घेराव तो किया ही, साथ ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक दो कैबिनेट मंत्रियों को भी जमकर आड़े हाथों लिया।
Advt

ऊर्जा मंत्री को बताया ‘नाकारा’, हटाने की मांग
विधायक शाक्य ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘नाकारा’ करार दिया। उन्होंने कहा:
“अगर कोई मंत्री मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश करेगा, तो मैं जल्द ही भोपाल जाकर सीएम से निवेदन करूंगा कि ऐसे नाकारा मंत्रियों को तत्काल पद से हटाएं।”
प्रभारी मंत्री पर गंभीर आरोप: ‘वो खुद को महाराजा से बड़ा समझते हैं’
विधायक का गुस्सा यहीं नहीं थमा, उन्होंने गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर भी गंभीर आरोप लगाए। हवाईपट्टी का एक पुराना वाकया याद करते हुए शाक्य ने कहा कि प्रभारी मंत्री खुद को ‘महाराजा’ (सिंधिया) से भी बड़ा समझते हैं। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुझे ‘चलो हटो’ कहकर किनारे धकेल दिया था। शाक्य ने दो-टूक कहा, “मैं उनकी वजह से नहीं, बल्कि जनता की बदौलत विधायक बना हूं।”
‘ग्वालियर में अंधेरा रहे या उजाला, हमें गुना से मतलब’
जब बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्वालियर संभाग का हवाला देकर पूरे प्रदेश में बिजली संकट का बहाना बनाया, तो विधायक और बिफर गए। केंद्रीय मंत्री सिंधिया के क्षेत्र पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा:
-
“ग्वालियर सिंधिया का क्षेत्र है, वहां चाहे पूरी तरह अंधेरा रहे या सड़कों पर बड़ी हैलोजन जलें, हमें कोई मतलब नहीं।”
-
“हम गुना के जनप्रतिनिधि हैं और हमें सिर्फ गुना की जनता की चिंता है।”
अधिकारियों को अंतिम चेतावनी
विधायक ने अफसरों के आंधी-तूफान वाले बहानों को खारिज करते हुए कहा कि अधिकारी रात में चैन से सोते हैं और जनता गर्मी में तड़पती है। उन्होंने महाप्रबंधक अशोक शर्मा को मातहतों के ‘नट-बोल्ट टाइट’ करने की हिदायत देते हुए कहा कि बिजली विभाग के कुप्रबंधन के कारण भाजपा सरकार की जमीनी बदनामी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







