तेहरान/तेल अवीव: मध्य पूर्व (Middle East) में स्थिति अब नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश पर ईरान के खिलाफ शुरू हुए ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ और ‘रोअरिंग लायन’ के जवाब में ईरान ने ‘तांडव’ शुरू कर दिया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने एक साथ 7 देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों और इजरायली क्षेत्रों पर भीषण मिसाइल हमला बोला है।

ईरान का 7 देशों पर प्रहार: कहाँ क्या हुआ?
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ‘क्रशिंग रिस्पॉन्स’ (करारा जवाब) देते हुए निम्नलिखित देशों को निशाना बनाया:
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इजरायल: पूरे देश में युद्ध के सायरन गूंज रहे हैं। तेल अवीव और उत्तरी इजरायल में कई धमाके सुने गए।
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE): अबू धाबी में मिसाइल के मलबे से एक व्यक्ति की मौत की खबर है। दुबई में भी अलर्ट जारी है।
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बहरीन: यहाँ स्थित अमेरिकी नौसेना के 5th Fleet मुख्यालय को निशाना बनाया गया।
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कतर: अल-उदेद एयरबेस (Al-Udeid Airbase) के पास धमाकों की सूचना है।
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कुवैत: अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी गईं।
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इराक: इरबिल और अन्य क्षेत्रों में स्थित ठिकानों पर हमला हुआ, जहाँ 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
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सऊदी अरब: सऊदी रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों को बीच में ही मार गिराने का दावा किया है।
तबाही का मंजर: 200 से ज्यादा मौतें
ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के भीतर (तेहरान, इस्फ़हान, कोम) किए गए हमलों में अब तक 201 से अधिक लोग मारे गए हैं और 700 से ज्यादा घायल हैं। तेहरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के परिसर को भी भारी नुकसान पहुँचने की खबरें हैं।
ट्रंप की चेतावनी: ‘सरकार बदलो या अंत के लिए तैयार रहो’
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सैन्य अभियान को अब तक का सबसे बड़ा हमला बताते हुए ईरानी सेना से हथियार डालने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करने और शासन परिवर्तन (Regime Change) के उद्देश्य से किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय असर
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हवाई क्षेत्र बंद: भारत सहित दुनिया भर की एयरलाइंस ने खाड़ी देशों के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
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कच्चा तेल: युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल की आशंका है।
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UN की अपील: संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने ‘अकल्पनीय विनाश’ की चेतावनी देते हुए तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है।








