Latest News
भारत की थाली का सच: क्या भारत केवल शाकाहारी देश है? BRICS डिनर, राहुल गांधी का दावा और भारतीय खान-पान का इतिहास कैल्शियम स्कोर सही, तो भी दिल की बीमारी का खतरा? जानिए क्या कहती है 10 साल की यह नई रिसर्च कोरबा में आसमान में दिखा अद्भुत नजारा: अर्धचंद्र के ऊपर चमका बेहद खूबसूरत तारा, जानें क्या है इसका खगोलीय सच बालको मेडिकल सेंटर के चौथे वार्षिक बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञ गणेशोत्सव से पहले कोरबा पुलिस का बड़ा एक्शन: एक ही दिन में 105 अपराधियों पर कार्रवाई, 60 वारंटी भेजे गए जेल अंबिकापुर में छात्र नेता की प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार; कांग्रेस ने पार्टी से किया निलंबित
Home » Uncategorized » दरिंदगी की हदें पार: जशपुर में मासूम से हैवानियत, समाज और कानून के चेहरे पर कालिख!

दरिंदगी की हदें पार: जशपुर में मासूम से हैवानियत, समाज और कानून के चेहरे पर कालिख!

Share:

जशपुर के नारायणपुर से सामने आई सामूहिक बलात्कार की यह घटना न केवल रूह कंपा देने वाली है, बल्कि हमारे समाज में गहरी पैठ बना चुकी विकृत मानसिकता का वीभत्स चेहरा भी है। एक 13 साल की मासूम, जो महज अपने रिश्तेदार के घर से लौट रही थी, उसे नशे में धुत दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बनाया। यह घटना चीख-चीख कर कह रही है कि अपराधियों के मन में कानून का खौफ खत्म हो चुका है।

मौन तमाशबीन भी उतने ही गुनहगार

इस मामले का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि मुख्य आरोपियों के साथ 7 अन्य युवक वहां ‘मौन तमाशबीन’ बनकर खड़े थे। वे चाहते तो इस घिनौने कृत्य को रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने मूक सहमति देकर इस अपराध में बराबर की भागीदारी निभाई। यह सामाजिक पतन की पराकाष्ठा है।

पैसे का प्रलोभन और धमकी: न्याय को खरीदने की कोशिश

घटना के बाद आरोपियों द्वारा परिवार को पैसे का ऑफर देना और जान से मारने की धमकी देना यह दर्शाता है कि अपराधी आर्थिक और बाहुबल के नशे में कितने अंधे हैं। लेकिन सलाम है उस पीड़ित परिवार के साहस को, जिन्होंने धमकियों के आगे झुकने के बजाय न्याय की राह चुनी।

अब केवल गिरफ्तारी काफी नहीं

पुलिस ने 9 आरोपियों को पकड़ लिया है, लेकिन यह केवल प्रक्रिया की शुरुआत है। ऐसे मामलों में:

  • फास्ट ट्रैक कोर्ट: ट्रायल जल्द से जल्द पूरा कर दरिंदों को ऐसी सजा मिले जो मिसाल बने।

  • नशे पर लगाम: ग्रामीण इलाकों में अवैध नशे के बढ़ते कारोबार पर प्रहार करना होगा, जो ऐसी वारदातों की जड़ है।

  • सुरक्षा का माहौल: जब तक हमारी बेटियां अपने ही गांव की सड़कों पर निडर होकर नहीं चल सकतीं, तब तक विकास के सारे दावे खोखले हैं।

यह समय केवल निंदा करने का नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने का है कि जशपुर की इस बेटी को इंसाफ मिले और अपराधियों को उनकी सही जगह—सलाखों के पीछे—भेजा जाए।

Leave a Comment

latest news