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हौसलों की ‘टॉपर’ ने दुनिया को कहा अलविदा: पीलिया से 50 दिनों तक लड़ी जंग, अंततः हार गई जिंदगी

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रायपुर/फरीदाबाद: छत्तीसगढ़ प्रशासनिक जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। CGPSC 2018 बैच की टॉपर और राज्य वित्त सेवा की होनहार अधिकारी अनिता सोनी का शनिवार देर रात निधन हो गया। वे पिछले 50 दिनों से फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल में मल्टी ऑर्गन फेल्योर (Multi-organ failure) से जूझ रही थीं। महज 30 के आसपास की उम्र में उनके इस आकस्मिक निधन ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है।

अध्ययन अवकाश पर थीं अनिता

मिली जानकारी के अनुसार, अनिता इन दिनों अपनी उच्च शिक्षा के लिए स्टडी लीव पर फरीदाबाद में थीं। इसी दौरान वे गंभीर पीलिया (Jaundice) की चपेट में आ गईं। अस्पताल के आईसीयू में डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शनिवार रात करीब 2 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

सादगी और सिद्धांत की मिसाल

अनिता सोनी की पहचान केवल एक टॉपर के रूप में नहीं, बल्कि उनकी सादगी के लिए भी थी। 2018 की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने डिप्टी कलेक्टर का पद नहीं चुना था। अपनी रुचि और सिद्धांतों के चलते उन्होंने ‘राज्य वित्त सेवा’ को प्राथमिकता दी थी, जो उस समय प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना था। उन्होंने साबित किया था कि पद से बड़ा ‘काम और समर्पण’ होता है।

सोशल मीडिया पर उमड़ा शोक का सैलाब

जैसे ही उनके निधन की खबर फैली, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। साथी अधिकारियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने उन्हें अपनी प्रेरणा बताया। कई छात्रों ने लिखा— “छत्तीसगढ़ ने अपनी एक सबसे काबिल बेटी खो दी है।”

माता-पिता को मानती थीं अपनी ताकत

अनिता हमेशा अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां भगवती सोनी और पिता आर.एस. सोनी को देती थीं। वे अक्सर कहती थीं कि उनके माता-पिता ने उन्हें बेटों से बढ़कर सुविधाएं और संस्कार दिए, जिसकी बदौलत वे प्रदेश की सबसे कठिन परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल कर सकीं।

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