रायपुर/राजनांदगांव: राजनांदगांव से मानपुर तक बनने वाली ₹300 करोड़ की सड़क परियोजना अब बड़े भ्रष्टाचार और राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। राजनांदगांव के भाजपा सांसद संतोष पांडे ने इस टेंडर प्रक्रिया में गहरी साजिश का आरोप लगाते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव को पत्र लिखकर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: कैसे हुआ ‘खेल’?
सांसद संतोष पांडे ने अपने पत्र में विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत के कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
सरकारी खजाने को चपत: सांसद का आरोप है कि ‘अमर बिल्डर्स’ को फायदा पहुँचाने के लिए पहले 20% बिलो (Below) पर स्वीकृत टेंडर को बदलकर 17% कर दिया गया। इस हेरफेर से सरकार को सीधे तौर पर 8 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
जानकारी छुपाने का आरोप: अमर बिल्डर्स पर आरोप है कि उसने टेंडर हासिल करने के लिए अपने वर्तमान कार्यों (Work in Hands) और अन्य तकनीकी जानकारियों को जानबूझकर छुपाया है।
अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका: आरोप है कि PWD के शीर्ष अधिकारियों ने साजिश के तहत अन्य प्रतिस्पर्धी फर्मों को तकनीकी खामियां निकालकर बाहर कर दिया, ताकि अमर बिल्डर्स को ‘वॉकओवर’ मिल सके।
भाजपा के भीतर मचा हड़कंप
इस शिकायत ने न केवल प्रशासनिक गलियारों में, बल्कि सत्ताधारी दल भाजपा के भीतर भी खलबली मचा दी है। सूत्रों के अनुसार, जिस ठेकेदार कंपनी पर उंगली उठी है, उसके तार परोक्ष रूप से सत्ता पक्ष के ही कुछ लोगों से जुड़े हैं। सांसद पांडे के इस कड़े और पारदर्शी रुख से पार्टी का एक धड़ा नाराज बताया जा रहा है, जबकि आम जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्रवाई की चर्चा है।
सांसद की मेहनत पर ‘अपनों’ का ग्रहण?
उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव से मोहला-मानपुर तक की 95 किमी सड़क के लिए सांसद संतोष पांडे ने केंद्र सरकार से कड़ी मशक्कत के बाद 300 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए थे। सांसद का कहना है कि वे इस महत्वपूर्ण जनहित परियोजना में किसी भी प्रकार की अपारदर्शिता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने ईएनसी (ENC) की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।








