फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉयड की टीम ने घटनास्थल से कई अहम सुराग जुटाए
दीपका (कोरबा)। नागिनझोरखी इलाके में शुक्रवार की शाम हुई 24 वर्षीय रानू साहू उर्फ रानी की निर्मम हत्या ने पुलिस की जांच की सुई ‘अपनों’ की ओर घुमा दी है। घर के भीतर जबरन घुसपैठ के निशान न मिलना और जिस बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया गया, उसने इस हत्याकांड को एक पेचीदा ‘मर्डर मिस्ट्री’ बना दिया है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, जो सीधे कातिल के चेहरे से नकाब उठा सकें।
खामोश घर में खूनी खेल: क्या रानू ने खुद खोला था मौत के लिए दरवाजा?
जांच की प्रारंभिक कड़ियाँ इस ओर इशारा कर रही हैं कि कातिल कोई बाहरी अनजान शख्स नहीं, बल्कि रानू का कोई वाकिफ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घर के मुख्य द्वार या खिड़कियों में तोड़-फोड़ के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। यह इस बात को पुख्ता करता है कि रानू ने किसी परिचित को देखकर ही बिना किसी हिचकिचाहट के दरवाजा खोला होगा। मजदूरी पर गए माता-पिता के पीछे सूने घर में ‘मौत’ ने दस्तक दी और कुछ ही पलों में रामकुमार साहू की इकलौती बेटी का संसार उजाड़ दिया गया।
वारदात का तरीका: नफरत या सोची-समझी साजिश?
हमलावर ने जिस तरह से रानू के सिर पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर उसे कुचला, वह किसी गहरे प्रतिशोध की ओर संकेत करता है। पुलिस इस बिंदु पर भी गौर कर रही है कि क्या यह केवल हत्या थी या इसके पीछे कोई पुराना विवाद या सिरफिरा आशिक था। हमलावर को इस बात की सटीक जानकारी थी कि रानू घर में कब अकेली रहती है, जिससे साफ है कि वारदात से पहले घर की रेकी की गई थी।
तफ्तीश के रडार पर ‘करीबी’ और मोबाइल डेटा
थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू के नेतृत्व में फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉयड की टीम ने घटनास्थल से कई अहम सुराग जुटाए हैं। पुलिस अब रानू के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) और सोशल मीडिया एक्टिविटी खंगाल रही है ताकि अंतिम समय में हुई बातचीत का पता लगाया जा सके। इलाके के सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध मोबाइल लोकेशन्स को भी ट्रेस किया जा रहा है।
इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस:
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नो फोर्स एंट्री: बिना विरोध या शोर के कातिल का घर के अंदर पहुँचना सबसे बड़ा सवाल है।
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रेकी का शक: हमलावर को माता-पिता के काम पर जाने और रानू के अकेले होने की सटीक टाइमिंग कैसे पता थी?
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टारगेटेड अटैक: घर में सामान बिखरा नहीं मिला, जिससे लूटपाट की थ्योरी खारिज होती नजर आ रही है। निशाना सिर्फ और सिर्फ रानू थी।
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गायब कड़ियाँ: क्या रानू पिछले कुछ दिनों से किसी तनाव में थी या उसे कोई धमका रहा था?
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे नागिनझोरखी में इस हत्याकांड को लेकर भारी आक्रोश है। पुलिस का दावा है कि घेराबंदी तेज कर दी गई है और जल्द ही इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली जायेगी।








