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अध्यात्म के चमकते सितारे का असमय अस्त: कुर्ला एक्सप्रेस में राजनांदगांव के भागवताचार्य श्री कृष्ण शुभम महाराज का निधन

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मात्र 31 वर्ष की अल्पायु में नियति ने एक ओजस्वी वाणी को सदा के लिए मौन कर दिया

राउरकेला/राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ की पावन धरा के सुप्रसिद्ध युवा भागवताचार्य, श्री कृष्ण शुभम महाराज अब हमारे बीच नहीं रहे। मात्र 31 वर्ष की अल्पायु में नियति ने एक ओजस्वी वाणी को सदा के लिए मौन कर दिया। सोमवार सुबह कुर्ला एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान हृदय गति रुकने (संभावित) से उनका दुखद निधन हो गया। वे पश्चिम बंगाल के शालीमार में आयोजित होने वाले एक धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित होने जा रहे थे, किंतु मार्ग में ही ‘काल’ ने उन्हें हम से छीन लिया।

सफर के बीच थम गईं सांसें

मिली जानकारी के अनुसार, महाराज जी रविवार शाम को मुंबई-शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 18029) में सवार हुए थे। उनके साथ उनके सेवक इंद्रजीत तिवारी भी थे। सोमवार सुबह जब ट्रेन राउरकेला स्टेशन के समीप पहुंची, तब महाराज जी अपनी बर्थ से उठकर शौचालय की ओर गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शौचालय के द्वार के पास पहुंचते ही वे अचानक बेसुध होकर गिर पड़े।

सेवादार के हाथों में ही तोड़ दिया दम

महाराज जी के अचानक गिरने से बोगी में हड़कंप मच गया। सेवादार इंद्रजीत तिवारी के अनुसार, उन्हें सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ हो रही थी और वे सीने में तेज दर्द से तड़प रहे थे। जब तक चिकित्सक या प्राथमिक सहायता पहुंच पाती, महाराज जी के प्राण पखेरू उड़ गए। ट्रेन में मौजूद यात्री इस आकस्मिक दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गए।

शोक में डूबा प्रदेश, ओजस्वी वाणी का हुआ अंत

मूलतः राजनांदगांव के रहने वाले श्री कृष्ण शुभम महाराज ने बहुत ही कम आयु में श्रीमद्भागवत कथा के अपने गहन ज्ञान और मधुर शैली से पूरे छत्तीसगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में लाखों अनुयायी बना लिए थे। उनके निधन की खबर जैसे ही राजनांदगांव पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया। उनके भक्तों और परिवार के लिए यह विश्वास कर पाना कठिन हो रहा है कि कल तक जो मुखारविंद कृष्ण भक्ति का रस बरसा रहा था, वह आज शांत हो गया है।