कोरबा , छत्तीसगढ़| 12 जनवरी 2026 जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सोमवार को आयोजित स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भोजन की गुणवत्ता और भुगतान पर अल्टीमेटम
कलेक्टर ने अस्पतालों में भर्ती प्रसूताओं को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों के खाने और अस्पताल की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा। इसके साथ ही, जननी सुरक्षा योजना और पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) के लंबित भुगतानों को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और सभी बकाये को 30 दिनों के भीतर निपटाने की समय-सीमा (डेडलाइन) तय कर दी है।
लापरवाही पर ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी
बैठक के दौरान मेडिकल कॉलेज कोरबा स्थित NRC में कुपोषित बच्चों की कम संख्या पाए जाने पर कलेक्टर का पारा चढ़ गया। उन्होंने इसे स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त विफलता मानते हुए संबंधित अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए हैं।
फील्ड रिपोर्ट: मितानिनों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए:
-
100% ट्रैकिंग: उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (HRP) की पहचान के लिए मितानिनों के माध्यम से शत-प्रतिशत ट्रैकिंग की जाए।
-
टीबी उन्मूलन: टीबी के संदिग्धों की एक्स-रे जांच कर प्रभावित क्षेत्रों को ‘सैचुरेटेड’ करने के निर्देश।
-
ड्यूटी पर सख्ती: हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में डॉक्टरों और स्टाफ की लेटलतीफी पर अब सीधी अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी।
“स्वास्थ्य केंद्रों में संसाधनों की कमी को जल्द दूर करें। हमारा लक्ष्य है कि जिले का अंतिम व्यक्ति भी सुदृढ़ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सके।” > — श्री कुणाल दुदावत, कलेक्टर कोरबा
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश कुमार नाग और CMHO श्री एस.एन. केसरी सहित स्वास्थ्य विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद थे।








