CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य स्त्रोत नि:शक्त जन संस्थान अस्पताल के नाम पर हुए हजार करोड़ के घोटाले मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। बता दे कि सुनवाई के दौरान राज्य के तत्कालीन मुख्य सचिव अजय सिंह ने शपथ-पत्र दिया। इसमें उन्होंने 150-200 करोड़ की गलतियां सामने आने की बात कही। हाईकोर्ट ने कहा कि जिसे राज्य के मुख्य सचिव गलतियां और त्रुटि बता रहे हैं, वह एक संगठित और सुनियोजित अपराध है। कोर्ट ने सीबीआई को जांच के लिए निर्देश दिए थे। साथ ही हाईकोर्ट के निर्देश पर घोटाले में फंसे आधा दर्जन से अधिक आईएएस अधिकारियों ने भी अपना जवाब प्रस्तुत किया। इसके बाद अब यह फैसला सुनाया गया है। बता दे कि पूरे मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस पीपी साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिविजन बेंच ने कहा कि,यह महज त्रुटि नहीं बल्कि संगठित और सुनियोजित अपराध है।
*मामले की जांच*
<;>- *आरोप*: याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि राज्य के कुछ वर्तमान और सेवानिवृत्त आईएएस अफसरों ने एनजीओ के नाम पर करोड़ों का घोटाला किया है।
<>- *जांच*: अदालत ने कहा कि इतने गंभीर मामले में स्थानीय एजेंसियों या पुलिस से जांच कराना उचित नहीं होगा।
<>- *सीबीआई जांच*: हाईकोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया है कि वह 15 दिनों के भीतर सभी संबंधित दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू करे।
*मामले की पृष्ठभूमि*
<>- *याचिका*: रायपुर के कुशालपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर ने 2017 में जनहित याचिका दायर की थी।
<>- *आरोप*: याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि राज्य स्त्रोत नि:शक्त जन संस्थान नाम की कोई संस्था अस्तित्व में ही नहीं है, लेकिन इसके नाम पर करोड़ों की मशीनें खरीदी गईं और रखरखाव के नाम पर भी करोड़ों खर्च दिखाए गए।
<>- *फर्जी आधार कार्ड*: याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि एसआरसी ने बैंक ऑफ इंडिया और एसबीआई मोतीबाग की शाखाओं में फर्जी आधार कार्ड से खाते खोलकर करोड़ों रुपये की निकासी की गई।
*आरोपी*
<>- *आईएएस अफसर*: याचिका में 6 आईएएस अफसरों- आलोक शुक्ला, विवेक ढांड, एमके राउत, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल और पीपी सोती पर आरोप लगाए गए हैं।
<>- *अन्य आरोपी*: सतीश पांडेय, राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एमएल पांडेय और पंकज वर्मा पर भी आरोप लगाए गए हैं।








