छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने शराब घोटाले में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विभाग में सक्रिय सिंडीकेट का सहयोग किया और शासकीय शराब दुकानों में अनियमितताओं के माध्यम से करोड़ों का असम्यक लाभ प्राप्त किया।
आरोप और जांच
निरंजन दास पर आरोप है कि उन्होंने विभाग प्रमुख के तौर पर सिंडीकेट का सहयोग करते हुए शासकीय शराब दुकानों में अनियमितताओं को बढ़ावा दिया। इसमें अन एकाउंटेंड शराब की बिक्री, अधिकारियों के ट्रांसफर, टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर और दोषपूर्ण शराब नीति लाने में सहयोग शामिल है। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में जांच की और पर्याप्त सबूत मिलने के बाद निरंजन दास को गिरफ्तार किया।
कानूनी कार्रवाई
निरंजन दास की गिरफ्तारी अपराध संख्या 04/2024 के तहत की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और आईपीसी की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। ईओडब्ल्यू इस मामले में आगे की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कह रही है ।








