When the assembly session was going on in Chhattisgarh… ED played a big game! Raided the residence of former Chief Minister Bhupesh Baghel
CG News: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास प्रवर्तन निदेशालय (ED)ने छापे मारी की है।
यह छापेमारी उस समय हुई जब छत्तीसगढ़ में विधानसभा सत्र चल रहा था. ईडी का दावा है कि इस कथित शराब घोटाले ने राज्य के खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया. जांच एजेंसी के मुताबिक इस घोटाले से जुड़े लोग एक संगठित शराब सिंडिकेट का हिस्सा थे, जिसने अवैध तरीके से भारी मुनाफा कमाया.
चैतन्य बघेल पर इस अवैध धन का लाभ उठाने का आरोप है, जिसके चलते ईडी ने उनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
जांच के दौरान ईडी नई जानकारी और सबूतों की तलाश में है ताकि इस मामले की गहराई तक पहुंचा जा सके. हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है, और जांच जारी है.
क्या है शराब घोटाला मामला?
आरोप है कि कथित शराब घोटाले के तहत छत्तीसगढ़ में 2019 से 2023 के बीच कमीशन वसूलने और सरकारी शराब की दुकानों को बेहिसाब शराब की आपूर्ति सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कुल 2,161 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है। ईडी के मुताबिक तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को इस कथित घोटाले से होने वाली कमाई से हर महीने मोटी नकद रकम दी जाती थी ।
भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया
भूपेश बघेल ने इस छापेमारी को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “ED आ गई. आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है. अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था. भिलाई निवास में ‘साहेब’ ने ED भेज दी है।” उनका इशारा बीजेपी की ओर था, जिसमें उन्होंने इस कार्रवाई को प्रतिशोध का कदम बताया ।
कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस छापेमारी का कड़ा विरोध किया है। भूपेश बघेल के समर्थकों ने उनके निवास के बाहर प्रदर्शन किया और इसे बीजेपी द्वारा जांच एजेंसियों का दुरुपयोग बताया। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा करार दिया है।
आगे क्या?
यह मामला अभी गर्म है, और आने वाले समय में और जानकारी सामने आ सकती है। इस छापेमारी के नतीजे और इसके राजनीतिक प्रभाव छत्तीसगढ़ की सियासत में चर्चा का विषय बने रहेंगे।








