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कैल्शियम स्कोर सही, तो भी दिल की बीमारी का खतरा? जानिए क्या कहती है 10 साल की यह नई रिसर्च

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Heart Health 15 Sep 2026 : दिल की बीमारियों (Cardiovascular Diseases) से बचाव और समय पर रोकथाम के लिए लोग कई तरह की मेडिकल जांच करवाते हैं। पिछले कुछ सालों में ‘कोरोनरी आर्टरी कैल्शियम स्कैन’ (CAC Scan) नाम का टेस्ट काफी लोकप्रिय हुआ है। आमतौर पर माना जाता है कि यह सीटी स्कैन दिल की धमनियों (coronary arteries) में जमा कैल्शियम और प्लॉक (plaque) की जांच करके भविष्य में आने वाले हार्ट अटैक या स्ट्रोक के खतरे का सटीक अंदाजा लगा सकता है।

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हालांकि, हाल ही में सामने आई 10 साल लंबी एक नई रिसर्च ने इस पॉपुलर टेस्ट के अंधाधुंध इस्तेमाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) अमेरिका में हुई इस स्टडी से साफ हुआ है कि क्या यह जांच वाकई हर व्यक्ति के लिए जरूरी है, या इसका फायदा सिर्फ कुछ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित है।

6 हजार से ज्यादा लोगों पर 10 साल तक अध्ययन

यह रिसर्च प्रसिद्ध ‘मल्टी-एथनिक स्टडी ऑफ एथेरोस्क्लेरोसिस’ (MESA) के तहत 6,098 वयस्कों के आंकड़ों पर आधारित है। अध्ययन की शुरुआत में 45 से 79 वर्ष की आयु के इन सभी प्रतिभागियों को कोई दिल की बीमारी नहीं थी।

शोधकर्ताओं ने सबसे पहले ‘PREVENT-ASCVD’ नामक स्टैंडर्ड रिस्क कैलकुलेटर का उपयोग कर सभी का कार्डियोवैस्कुलर रिस्क (जोखिम) तय किया। इसमें उम्र, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और स्मोकिंग जैसे सामान्य हेल्थ पैरामीटर्स को शामिल किया जाता है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इसके बाद यह देखा गया कि इस पारंपरिक रिस्क कैलकुलेशन में CAC Score जोड़ने से भविष्य की बीमारी का अनुमान लगाने में कितना सुधार होता है।

शोध के नतीजे चौंकाने वाले रहे—पूरी आबादी में कैल्शियम स्कोर जोड़ने से रिस्क प्रेडिक्शन में बहुत मामूली सुधार ही देखा गया।

क्या होता है CAC Scan?

CAC Scan एक विशेष प्रकार का नॉन-इंसिडेंट सीटी स्कैन है, जो दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली कोरोनरी धमनियों में जमा कैल्शियम युक्त प्लॉक को मापता है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के जमाव को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहा जाता है, जो समय के साथ सख्त होकर calcified plaque बन जाता है।

  • क्या बताता है स्कोर: यह स्कोर धमनियों में जमा calcified plaque की कुल मात्रा की जानकारी देता है।

  • क्या नहीं बताता: यह टेस्ट धमनियों में कितने प्रतिशत ब्लॉकेज (blockage) है, इसकी सीधी जानकारी नहीं देता। यानी यदि किसी का स्कोर अधिक है, तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि उसकी धमनी 80 या 90 प्रतिशत बंद हो चुकी है।

किसके लिए सबसे ज्यादा मददगार है यह जांच?

अध्ययन के अनुसार, कार्डियोवैस्कुलर जोखिम को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बांटा जाता है:

  1. Low Risk (कम जोखिम): 3% से कम

  2. Borderline Risk (सीमित जोखिम): 3% से 5%

  3. Intermediate Risk (मध्यम जोखिम): 5% से 10%

  4. High Risk (उच्च जोखिम): 10% या उससे ज्यादा

वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों का शुरुआती जोखिम Borderline या Intermediate श्रेणी में था, उनमें CAC Scan कराने से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और निर्णायक जानकारी मिली। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) दो व्यक्तियों के ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसे आंकड़े एक समान हो सकते हैं, लेकिन कैल्शियम स्कैन से उनकी धमनियों की वास्तविक स्थिति अलग सामने आ सकती है। इससे डॉक्टरों को प्रिवेंटिव दवाएं (जैसे स्टैटिन थेरेपी) शुरू करने का सही फैसला लेने में मदद मिलती है।

हर व्यक्ति के लिए क्यों जरूरी नहीं है यह टेस्ट?

  • लो-रिस्क वाले लोग: जिनका कार्डियोवैस्कुलर रिस्क पहले से बेहद कम है, उनमें स्कैन कराने से इलाज के फैसले में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता। इससे अनावश्यक वित्तीय खर्च और रेडिएशन का जोखिम बढ़ता है।

  • हाई-रिस्क वाले लोग: जिनका रिस्क पहले से काफी ज्यादा है, उन्हें डॉक्टर पहले ही बचाव के लिए आवश्यक दवाएं देने की सलाह देते हैं। इसलिए उनमें भी इस स्कैन की हमेशा जरूरत नहीं होती।

क्या जीरो कैल्शियम स्कोर का मतलब दिल पूरी तरह सुरक्षित है?

कैल्शियम स्कोर 0 आना एक अच्छा संकेत है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि धमनियां 100% सुरक्षित हैं।

कम उम्र के लोगों में अक्सर Non-calcified (सॉफ्ट) प्लॉक मौजूद हो सकता है, जो इस स्कैन में दिखाई नहीं देता। कई मेडिकल मामलों में कैल्शियम स्कोर शून्य या बहुत कम होने के बावजूद धमनियों में गंभीर ब्लॉकेज पाया गया है।

  1. इसी तरह, यदि कैल्शियम स्कोर बहुत ज्यादा आता है, तो इसका मतलब तुरंत एंजियोप्लास्टी या स्टेंट की जरूरत होना नहीं है, बल्कि भविष्य के खतरे को ध्यान में रखते हुए लाइफस्टाइल और दवाओं से बचाव शुरू करना है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) अगर सीने में दर्द या सांस फूलने जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर CT Coronary Angiography या स्ट्रेस टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

2026 की नई मेडिकल गाइडलाइन्स

वर्ष 2026 की नवीनतम अमेरिकी कोलेस्ट्रॉल गाइडलाइन्स में भी CAC scoring के चयनात्मक उपयोग (Selective Use) पर जोर दिया गया है। नई गाइडलाइन का मकसद हर व्यक्ति का स्कैन कराना नहीं, बल्कि केवल उन मामलों में स्थिति स्पष्ट करना है जहां सामान्य ब्लड रिपोर्ट और रिस्क कैलकुलेटर से निर्णय लेना कठिन हो रहा हो।

निष्कर्ष

दिल की सेहत का सही अंदाजा केवल किसी एक जांच या केवल कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट से नहीं लगाया जा सकता। उम्र, ब्लड प्रेशर, शुगर, पारिवारिक इतिहास, वजन और जीवनशैली जैसे सभी कारकों को मिलाकर ही सही जोखिम तय होता है।

हर आधुनिक या महंगी जांच हर किसी के लिए जरूरी नहीं होती। बिना डॉक्टर की सलाह के केवल लोकप्रियता के कारण यह टेस्ट करवाने के बजाय अपने रिस्क प्रोफाइल पर डॉक्टर से चर्चा करना ही सबसे सही कदम है।

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