कोरबा 14 सितंबर Nature Magic। सोमवार शाम कोरबा शहर समेत आसपास के इलाकों में आसमान में एक अद्भुत और बेहद मनमोहक नजारा देखने को मिला। शाम ढलते ही आसमान में आधा चांद (अर्धचंद्र) नजर आ रहा था और ठीक उसके ऊपर एक बेहद चमकीला तारा जगमगा रहा था। इस अलौकिक दृश्य ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
जैसे ही लोगों की नजर आसमान के इस खूबसूरत नजारे पर पड़ी, कौतूहल और उत्साह का माहौल बन गया। लोगों ने तुरंत अपने दोस्तों, परिजनों और शुभचिंतकों को फोन करके व मैसेज भेजकर यह नजारा देखने की सलाह दी।
खगोलीय घटना या चमत्कार?
अक्सर ऐसे नजारों को देखकर समाज में इसे किसी चमत्कार या दैवीय संकेत से जोड़कर देखा जाने लगता है, लेकिन वैज्ञानिक और खगोलशास्त्रियों के अनुसार यह पूरी तरह से एक प्राकृतिक खगोलीय घटना (Celestial Phenomenon) है।

इसे खगोल विज्ञान की भाषा में ‘कंजंक्शन’ (Conjunction) कहा जाता है। जब अंतरिक्ष में चक्कर लगाते हुए चंद्रमा और हमारे सौरमंडल का कोई चमकीला ग्रह (जैसे शुक्र या बृहस्पति) पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के बेहद करीब और एक ही सीधी रेखा में नजर आते हैं, तब ऐसा नजारा बनता है।
आसमान में जो ‘तारा’ चंद्रमा के ठीक ऊपर या पास इतना तेज चमकता हुआ दिखाई देता है, वह दरअसल कोई तारा न होकर शुक्र (Venus) या बृहस्पति (Jupiter) ग्रह होता है। चूंकि शुक्र ग्रह सूरज की रोशनी को बहुत तेजी से परावर्तित करता है, इसलिए यह पृथ्वी से सबसे ज्यादा चमकीला दिखाई देता है।
चांद से अलग हुआ तारा
कुछ समय की यह खगोलीय घटना का अद्भुत नजारा लोगों ने देखा । कुछ समय बाद तारा चांद से अलग हो गया।








