रायपुर 4 सितंबर: छत्तीसगढ़ के वन एवं पर्यावरण विभाग में लंबे समय से सेवारत लगभग 7,000 दैनिक वेतनभोगी (दैवेभो) और कार्यभारित कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने इन कर्मचारियों के नियमितीकरण और स्थाईकरण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया है।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से स्वीकृति मिलने के बाद शासन ने कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों का प्रारूप तैयार करने के लिए एक चार सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर वैधानिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
प्रमुख बिंदु और किसे मिलेगा लाभ:
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10 वर्ष या उससे अधिक सेवा (नियमितीकरण): कुल 3,630 कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।
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तृतीय श्रेणी (Class III): 966 पद
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चतुर्थ श्रेणी (Class IV): 2,664 पद
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10 वर्ष से कम सेवा (स्थाईकरण): 10 साल से कम समय से कार्यरत कर्मचारियों के लिए स्थाईकरण (Permanence) की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
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4 सदस्यीय समिति का गठन: जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव अमिताभ बाजपेयी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। इसमें मणिवासगन एस. (CCF रायपुर), मयंक पाण्डेय (DFO गरियाबंद) सदस्य और रौनक गोयल (उप वन संरक्षक) सदस्य सचिव बनाए गए हैं।
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1998 के बाद से कार्यरत कर्मचारियों के लिए नियम: वन विभाग ने 1 जनवरी 1998 के बाद से कार्यरत कर्मचारियों के लिए ‘भर्ती तथा सेवा शर्तें नियम, 2024’ लागू करने का प्रस्ताव भेजा था, जिस पर अब अमल हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि सेवा सुरक्षा और नियमितीकरण की मांग को लेकर इन कर्मचारियों ने वर्ष 2024 में 48 दिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की थी। सरकार के इस कदम से लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों में उम्मीद की नई किरण जगी है।
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