नई दिल्ली 4 सितंबर Central Vigilance Commission : केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी विभागों और संस्थानों में भ्रष्टाचार से जुड़ी 70,584 शिकायतें मुख्य सतर्कता अधिकारियों (CVO) को प्राप्त हुईं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज। इस सूची में सबसे ज्यादा शिकायतें बैंकिंग क्षेत्र और भारतीय रेलवे के खिलाफ दर्ज की गई हैं।
रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक कुल शिकायतों में से 64,905 का सफलतापूर्वक निपटारा कर दिया गया, जबकि 5,679 मामलों पर वर्ष के अंत तक कार्रवाई जारी थी। हालांकि, CVO को शिकायतों की जांच तीन महीने के भीतर पूरी करनी होती है, फिर भी वर्ष के अंत में 2,002 मामले ऐसे रहे जो तीन महीने से अधिक समय से लंबित थे।

बैंकों और रेलवे में सबसे ज्यादा मामले
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बैंकिंग क्षेत्र: भ्रष्टाचार की सर्वाधिक 9,933 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 9,520 का निपटारा हुआ और 413 लंबित रहीं। लंबित मामलों में 52 शिकायतें तीन महीने से अधिक पुरानी थीं।
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भारतीय रेलवे: कुल 9,381 शिकायतों के साथ रेलवे दूसरे स्थान पर रहा। इनमें 8,754 मामलों का निपटारा हुआ, 627 लंबित रहे और 10 मामले तीन महीने से ज्यादा समय से अटके रहे।
अन्य प्रमुख विभागों और मंत्रालयों की स्थिति
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आवास एवं शहरी मामले: 6,531 शिकायतें
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दिल्ली के स्थानीय निकाय (MCD, DJB, DTC, NDMC आदि): 4,834 शिकायतें
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कोयला क्षेत्र: 4,118 शिकायतें
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वित्त क्षेत्र: 3,107 शिकायतें
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दिल्ली सरकार: 2,804 शिकायतें
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पेट्रोलियम मंत्रालय: 2,722 शिकायतें
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दिल्ली पुलिस: 2,633 शिकायतें
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग: 2,139 शिकायतें
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गृह मंत्रालय (दिल्ली पुलिस को छोड़कर): 2,036 शिकायतें
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मानव संसाधन विकास: 2,030 शिकायतें
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श्रम मंत्रालय: 1,894 शिकायतें
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बीमा कंपनियां: 1,536 शिकायतें
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दूरसंचार क्षेत्र: 1,469 शिकायतें
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रक्षा मंत्रालय: 1,410 शिकायतें
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उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण: 1,123 शिकायतें
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इस्पात (स्टील) मंत्रालय: 1,023 शिकायतें
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डाक विभाग: 1,003 शिकायतें
CVC द्वारा आगे की कार्रवाई के लिए भेजी गई शिकायतें
आयोग ने वर्ष 2025 के दौरान आवश्यक कार्रवाई हेतु मुख्य सतर्कता अधिकारियों को कुल 18,651 शिकायतें प्रेषित कीं।
इनमें सर्वाधिक 4,110 मामले दिल्ली के स्थानीय निकायों से संबंधित थे। इसके अलावा बैंकों से जुड़े 1,749, रेलवे के 1,428, पेट्रोलियम मंत्रालय के 1,318, दिल्ली सरकार के 1,307 और रक्षा मंत्रालय के 1,016 मामले कार्रवाई के लिए भेजे गए।







