अकलतरा (जांजगीर-चांपा) Bilaspur Murder Case : सोनादुला-सांकर भारतमाला रोड पर हुई 26 वर्षीय अरविंद सिंह लोधी की संदिग्ध मौत का अकलतरा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जिसे शुरुआत में महज एक सड़क हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल सोची-समझी हत्या का मामला निकला। ट्रक के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में मृतक के ही दोस्तों ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को कार के नीचे डालकर हादसे का रूप देने की कोशिश की थी।

पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी हेमंत सिंह ठाकुर (23 वर्ष, निवासी दीनदयाल कॉलोनी, बिलासपुर) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि वारदात में शामिल एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी है।
हादसे से हत्या तक: ऐसे खुला राज
घटना 24 जून 2026 की है, जहां सोनादुला-सांकर रोड पर अरविंद सिंह लोधी (निवासी सकरी, बिलासपुर) की लाश मिली थी। अकलतरा पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे सड़क दुर्घटना मानते हुए अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. युलैण्डन यार्क के मार्गदर्शन में घटना की विस्तृत जांच शुरू की गई। SDOP अकलतरा डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह, थाना प्रभारी जय कुमार साहू और चौकी प्रभारी विनोद जाटवर की टीम ने जब संदेही हेमंत सिंह ठाकुर से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
लेन-देन का विवाद और शराब पार्टी
आरोपी हेमंत ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसका अरविंद के साथ ट्रक के लेन-देन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन शराब पार्टी के दौरान दोनों के बीच फिर बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर हेमंत ने अपने एक साथी के साथ मिलकर लात-घूंसों से अरविंद की बेदर्दी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद वारदात को एक्सीडेंट साबित करने के लिए उन्होंने लाश को कार (क्रमांक CG 10 BP 9060) के नीचे दबा दिया।
कार जब्त, बीएनएस की हत्या की धाराएं जुड़ीं
हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने एफआईआर से धारा 106(1) हटाकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) जोड़ दी है। घटना में इस्तेमाल कार (CG 10 BP 9060) को जब्त कर आरोपी हेमंत को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने में अकलतरा थाना और कोटमीसोनार सहायता केंद्र के पुलिस कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।








