रायपुर 24 अगस्त Tourism Fake Booking : छत्तीसगढ़ में पर्यटन स्थलों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच पर्यटकों को शिकार बनाने वाले साइबर ठगों का गिरोह सक्रिय हो गया है। फर्जी बुकिंग पोर्टल्स, सोशल मीडिया विज्ञापनों और अनधिकृत कॉल के जरिए की जा रही ठगी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने राज्य के प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट्स, रिॉर्ट्स और गेस्ट हाउस की बुकिंग के नाम पर हो रहे ऑनलाइन फ्रॉड से बचने की सख्त हिदायत दी है।

ठगी का तरीका और साइबर अपराधियों की रणनीति
साइबर अपराधी छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के नाम, लोगो, रिसॉर्ट्स की असली तस्वीरों और आधिकारिक प्रचार सामग्रियों का अनधिकृत इस्तेमाल कर रहे हैं।
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फेक वेबसाइट्स: आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती डोमेन नेम वाली वेबसाइट्स बनाई गई हैं।
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सस्ते पैकेजेस का लालच: पर्यटकों को लुभाने के लिए भारी डिस्काउंट, सस्ते रूम्स और लिमिटेड-टाइम ऑफर का झांसा दिया जा रहा है।
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त्वरित भुगतान का दबाव: पर्यटकों से कहा जाता है कि बुकिंग सीमित है, इसलिए वे दिए गए लिंक या निजी नंबरों पर तुरंत यूपीआई (UPI) या ऑनलाइन पेमेंट कर दें।
सुरक्षित बुकिंग के लिए महत्वपूर्ण नियम
पर्यटकों की यात्रा को सुरक्षित और झंझट-मुक्त बनाने के लिए बोर्ड ने निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी किए हैं:
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केवल आधिकारिक माध्यम चुनें: बुकिंग के लिए सिर्फ छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट का उपयोग करें।
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निजी खातों में भुगतान न करें: किसी भी व्यक्ति के निजी बैंक खाते, अज्ञात यूपीआई आईडी या संदिग्ध मोबाइल नंबर पर पैसे न भेजें।
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ऑफलाइन सूचना केंद्र: रायपुर स्थित ‘गढ़ कलेवा’ सूचना केंद्र या विभिन्न जिलों में मौजूद अधिकृत पर्यटन केंद्रों से सीधे संपर्क कर बुकिंग कराएं।
संदेह होने पर तुरंत हेल्पलाइन से संपर्क करें
यदि किसी वेबसाइट, लिंक या फोन कॉल पर संदेह हो, तो भुगतान करने से पहले बोर्ड के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों पर पुष्टि अवश्य करें:
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टोल-फ्री नंबर: 18001026415
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हेल्पलाइन नंबर: +91-7714224600








