बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। तारबाहर पुलिस और साइबर टीम को बड़ी सफलता मिली है। रेलवे अस्पताल के पास सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) पर निकले एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 5 लाख रुपये की सुपारी (फिरौती) देकर हत्या की नीयत से भेजा गया था।

क्या है पूरा मामला? घटना 4 जुलाई 2026 की है। प्रार्थी शिशिर कश्यप ने थाना तारबाहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता श्याम कश्यप सुबह करीब 06:45 बजे रेलवे अस्पताल के पास मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। उसी दौरान मुंह पर कपड़ा बांधे तीन अज्ञात बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए डंडे व नुकीले हथियार से जानलेवा हमला कर दिया।
पुलिस की जांच और बड़ा खुलासा मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह (आईपीएस) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार (आईपीएस) के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी रविशंकर तिवारी और एसीसीयू प्रभारी गोपाल सतपथी के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही बाइक (बजाज पल्सर) की पहचान की।
पुलिस ने पूर्व में ही मामले में शामिल 01 आरोपी (नितिन टेकाम) और 01 विधि से संघर्षरत बालक (अपचारी) को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गौरेला-पेंड्रा निवासी दीपक तिवारी ने बिलासपुर के एक व्यक्ति की हत्या करने के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी। उसी के कहने पर साहिल सोनकर अपने साथी के साथ पल्सर बाइक से बिलासपुर आया और दीपक तिवारी के इशारे पर बुजुर्ग पर हमला कर फरार हो गए।
घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा लगातार फरार चल रहे आरोपी आंचल साहिल बोले उर्फ साहिल सोनकर (उम्र 23 वर्ष, निवासी गौरेला, जिला जीपीएम) के घर आने की सटीक सूचना मुखबिर से मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल डंडा जब्त कर लिया गया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक रविशंकर तिवारी, उपनिरीक्षक रामनरेश यादव, आरक्षक महेंद्र सोनकर, रूपलाल चंद्रा, भागीरथी गेंदले और साइबर टीम की सराहनीय भूमिका रही।








