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विकसित भारत @2047: लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी का संबोधन … पढ़े पूरा भाषण

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80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। समारोह का मुख्य फोकस ‘Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047’ और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर रहा।

PM Modi Red Fort Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित कर रहे हैं। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करना शुरू किया।

इस दौरान लाल किले का पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है। लाल किले से प्रधानमंत्री का यह लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन है। इस बार के समारोह में ‘Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047’ और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने पर विशेष फोकस है।

पीएम मोदी ने गिनाई उपलब्धियां

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में, रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ गया है, जबकि खादी और ग्रामोद्योगों का उत्पादन लगभग पांच गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लगभग सात गुना बढ़ी है। आधुनिक रेलवे कोचों का उत्पादन 21 गुना और मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। इसके अलावा, हमने डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग चार गुना हो गई है, पेटेंट ग्रांट चार गुना बढ़ गए हैं और डिजिटल लेनदेन सौ गुना बढ़ गए हैं। हमने आम नागरिकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी उतनी ही गंभीरता से काम किया है। हमने पहले की तुलना में औसतन 15 गुना अधिक सालाना गति से नल से पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। गैस कनेक्शन पहले की सालाना गति से छह गुना अधिक गति से दिए गए हैं। हमने गरीबों के लिए शौचालय चार गुना सालाना गति से बनाए हैं और वंचितों को आवास पहले की दर से तीन गुना अधिक गति से उपलब्ध कराए हैं। देश में गवर्नेंस में भी भारी बदलाव आया है; हजारों अनुपालन आवश्यकताओं को खत्म कर दिया गया है और सैकड़ों पुराने कानूनों को रद्द कर दिया गया है। पिछली सदी के कानूनों के भरोसे 21वीं सदी में आगे नहीं बढ़ा जा सकता। हमने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत किया। जिस गति और पैमाने पर यह काम किया गया है- यह गति, यह विस्तार और ये उपलब्धियां, आजादी के बाद पहली बार देखे गए बदलाव को दर्शाती हैं, और यह सब पिछले एक दशक में हुआ है…”

पीएम मोदी ने भाषण में सबसे पहले वंदे मातरम का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए कहा, “आज हर दिल ‘वंदे मातरम’ की धुन पर धड़क रहा है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज हम सभी 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आज हर दिल में ‘वंदे मातरम’ का स्वर गूंज रहा है। आज हर घर में तिरंगा लहरा रहा है और हर मन में बसा है; देश नए संकल्पों को अपनाते हुए उत्साह और जोश के साथ आगे बढ़ रहा है।”

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इस स्वतंत्रता दिवस पर मैं बापू और सभी स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।” पीएम मोदी ने कहा, “हमें आत्मनिर्भर बनना होगा और अपने हितों की रक्षा करनी होगी। आज हर भारतीय ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलों से जुड़ रहा है।”

बाढ़ को लेकर बोले पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई है, जिससे कई लोग प्रभावित हुए हैं। मैं प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।”

हम 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे, लाल किले से गरजे पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत का एक बड़ा सपना है कि 2047 तक वह एक विकसित देश बने। जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश विकसित देश बनने का संकल्प लेता है, तो यह हमारे साहस की पहचान बन जाता है और दुनिया हमें एक अलग नजरिए से देखने के लिए मजबूर हो जाती है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमने भी एक बड़ा सपना देखा है- एक ऐसा सपना जिसे पक्के इरादे और नई ऊंचाइयां छूने के लक्ष्य के साथ पूरा किया जा रहा है। हमारा विजन यह है कि जब हम आजादी के 100 साल पूरे करेंगे- यानी 2047 तक, तब तक हम भारत को एक विकसित देश बना लेंगे। हमें अपने 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक कोशिशों और मेहनती जज्बे से इस लक्ष्य को हासिल करना है। जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश एक विकसित देश बनने का संकल्प लेता है, तो यह दुनिया के सामने हमारे साहस का सबूत बन जाता है; दुनिया हमारे प्रति अपना नजरिया बदलने पर मजबूर हो जाती है…”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा, “कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, तब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है, जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है। अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है। हमें बड़े सपने देखने होंगे क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं… हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए। जब संकल्प दृढ़ होता है तो कठिनाईयों से, आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप उभर कर आता है। हमारे संकल्प भी ऊंचे होने चाहिए क्योंकि जब सपने ऊंचे होते हैं, संकल्प ऊंचे होते हैं तो हमारे सामर्थ्य की ऊंचाई भी बढ़ती है, हमारे प्रयासों की ऊंचाई भी बढ़ती है और तब जाकर हम सपनों को साकार कर सकते हैं।”

21 तोपों की सलामी दी गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। इससे पहले, लाल किला पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। लाल किला पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। लाल किला पर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

युवाओं पर खास फोकस

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। समारोह में बड़ी संख्या में युवा, एनसीसी कैडेट्स और ‘माय भारत’ के स्वयंसेवक शामिल हुए। आयोजन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि विकसित भारत के निर्माण में युवा केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा के प्रमुख भागीदार हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन ऐसे समय में हुआ है जब सरकार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर जोर दे रही है। लाल किले से प्रधानमंत्री का भाषण हर साल सरकार की प्राथमिकताओं और आने वाले वर्षों के रोडमैप का अहम संकेत माना जाता है। इस बार भी युवाओं, विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता पर विशेष जोर दिखाई दिया

 

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