मुख्य समाचार सारांश
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स्थान: शिवाय हॉस्पिटल, बस स्टैंड ट्रांसपोर्ट नगर, कोरबा (छत्तीसगढ़)
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विशेष उपलब्धि: अस्पताल में पहली बार अत्याधुनिक तकनीक से टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न।
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लाभार्थी मरीज: 70 वर्षीय श्री रामशरण साहू (छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी से सेवानिवृत्त)।
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चिकित्सक टीम: डॉ. दिविक मित्तल (मार्गदर्शन), डॉ. संतोष राठौड़ (विशेषज्ञ ऑर्थोपेडिक सर्जन), और डॉ. अमन श्रीवास्तव (फिजियोथेरेपी टीम)।

Good News Korba : बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों का घिसना और घुटनों का दर्द एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनता जा रहा है। कोरबा और आसपास के अंचल के मरीजों के लिए महानगरों में जाकर इलाज कराना हमेशा से आर्थिक और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है। इस समस्या का समाधान करते हुए कोरबा के बस स्टैंड ट्रांसपोर्ट नगर स्थित शिवाय हॉस्पिटल ने चिकित्सा जगत में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। अस्पताल में अब महानगरों की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) की शुरुआत कर दी गई है।

70 वर्षीय रामशरण साहू को मिली नई जिंदगी
इस सुविधा का पहला सफल उदाहरण छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी से सेवानिवृत्त 70 वर्षीय श्री रामशरण साहू बने। वे लंबे समय से गंभीर घुटनों के दर्द से जूझ रहे थे, जिसके कारण उनका चलना-फिरना और दैनिक गतिविधियां लगभग थम सी गई थीं।
शिवाय हॉस्पिटल की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनकी स्थिति का बारीकी से आकलन कर सफल घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी की। वर्तमान में श्री साहू तेजी से रिकवर हो रहे हैं और बिना किसी असहनीय दर्द के अपने पैरों पर खड़े होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ मार्गदर्शन का मेल
इस जटिल और हाईटेक सर्जरी की सफलता के पीछे योग्य चिकित्सकों की एक समर्पित टीम का हाथ है:
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डॉ. दिविक मित्तल: जिनके मार्गदर्शन में इस चिकित्सा सेवा को विस्तार मिला।
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डॉ. संतोष राठौड़ (MBBS, MS Orthopaedics): जिन्होंने अपने कुशल हाथों से सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
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डॉ. अमन श्रीवास्तव (BPT, MPT): जिनकी देखरेख में व्यवस्थित पोस्ट-ऑपरेटिव फिजियोथेरेपी दी जा रही है, जो मरीज की तेजी से रिकवरी के लिए बेहद अहम है।
शिवाय हॉस्पिटल की प्रमुख विशेषताएं
- महानगर जैसी सुविधाएं: अब कोरबावासियों को घुटनों के बड़े
ऑपरेशनके लिए रायपुर, बिलासपुर, नागपुर या हैदराबाद जैसे महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। -
अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर: संक्रमणमुक्त और हाईटेक उपकरणों से लैस ओटी रूम।
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समग्र उपचार (Comprehensive Care): ऑपरेशन से लेकर री-हैब (फिजियोथेरेपी) तक की संपूर्ण देखरेख एक ही छत के नीचे उपलब्ध।
किन मरीजों के लिए वरदान है TKR (घुटना प्रत्यारोपण)?
विशेषज्ञों के अनुसार निम्नलिखित लक्षण वाले मरीजों को इस तकनीक से तुरंत लाभ मिल सकता है:
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ऑस्टियोआर्थराइटिस: जिन मरीजों के घुटने उम्र या अन्य कारणों से पूरी तरह घिस चुके हैं।
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तीव्र व असहनीय दर्द: जो दवाइयों, पेनकिलर या घुटने के इंजेक्शन से ठीक नहीं हो रहा हो।
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गतिशीलता में बाधा: जिन्हें रोजमर्रा के काम करने, चलने-फिरने या सीढ़ियां चढ़ने में भारी कठिनाई होती है।
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घुटनों की बनावट में बदलाव: पैरों का टेढ़ा होना या जोड़ों में जकड़न की समस्या।
निष्कर्ष
शिवाय हॉस्पिटल ने कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर ऊंचा उठाकर यह साबित कर दिया है कि अब विश्व स्तर का इलाज स्थानीय स्तर पर भी संभव है। सही समय पर सही सलाह और आधुनिक तकनीक से न केवल दर्द से मुक्ति मिलती है, बल्कि मरीज एक स्वतंत्र और सक्रिय जीवन दोबारा जी सकता है।








