नई दिल्ली, 26 जुलाई: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस्तीफा देने के तुरंत बाद भाजपा पूरी ताकत और एकजुटता के साथ उनके समर्थन में खड़ी नजर आई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई दिग्गज नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की और उनके साथ एकजुटता दिखाई।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि प्रधान के इस कदम के बाद उन्हें पार्टी संगठन या सरकार में जल्द ही किसी अन्य अहम और बड़ी जिम्मेदारी से नवाजा जा सकता है।
शीर्ष नेताओं का मिला भरपूर समर्थन और प्रशंसा
धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल और उनके योगदान को याद करते हुए पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर खुलकर उनकी प्रशंसा की है:
-
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) का सफल क्रियान्वयन: भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में प्रधान ने भारत के शिक्षा परिदृश्य को बदलने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को बेहद सफलतापूर्वक लागू किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इस पूरे घटनाक्रम और निर्णय में धर्मेंद्र प्रधान के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है।
-
युवाओं की भावनाओं का सर्वपरि सम्मान: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बयान जारी कर कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ही धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारी सरकार के लिए विद्यार्थियों और युवाओं का हित तथा उनका उज्ज्वल भविष्य सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि प्रधान का कार्यकाल देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का एक मजबूत परिचायक रहा है।
-
छात्र राजनीति से राष्ट्र निर्माण का सफर: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रधान के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्हें समझने के लिए उनके पूरे सार्वजनिक जीवन को देखना होगा। छात्र आंदोलनों से निकले इस नेता ने युवावस्था से ही राष्ट्र निर्माण को अपनी प्राथमिकता बनाया। शेखावत ने साझा किया कि उनकी और प्रधान दोनों की पृष्ठभूमि छात्र राजनीति की रही है और वे उन्हें उनके शुरुआती दिनों से अच्छी तरह जानते हैं।
-
अटूट विश्वास और अनुशासन: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने हमेशा देश के युवाओं की उम्मीदों के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता, अनुशासन और जुड़ाव का परिचय दिया है। शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाना एक लंबी प्रक्रिया है, जिसके लिए निरंतर प्रयास, संवाद और परिवर्तन की शक्ति पर अटूट विश्वास की आवश्यकता होती है।
-
शिक्षा क्षेत्र में दूरगामी सुधार: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी प्रधान के समर्थन में बोलते हुए कहा कि देश के शिक्षा क्षेत्र में कई दूरगामी और महत्वपूर्ण सुधार करने का श्रेय धर्मेंद्र प्रधान को जाता है।








