नई दिल्ली, 23 जुलाई
जंतर-मंतर पर बुधवार रात हुए पथराव और बवाल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने हिंसा में अपने समर्थकों का हाथ होने से साफ इनकार करते हुए सारा ठीकरा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर फोड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दीपके ने आरोप लगाया कि आंदोलन को व्यापक होता देख भाजपा अपने लोगों को भेजकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।
Advt

‘आंदोलन को बदनाम करने की साजिश’
गुरुवार सुबह मीडिया से बात करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि वे पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और तब तक कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
“प्रोटेस्ट को खराब करने के लिए बाहर से लोग भेजे जा रहे हैं। जैसे ही आंदोलन बड़ा हुआ, बीजेपी द्वारा गुंडे भेजे जाने लगे ताकि लोगों को उकसाया जा सके।”
— अभिजीत दीपके, प्रमुख, सीजेपी
दीपके ने आगे दावा किया कि पथराव के पीछे पुलिस और भाजपा की मिलीभगत है। उनका आरोप है कि पुलिस पत्थरों से भरे ट्रक लाकर खड़ा करती है और भाजपा के लोग पथराव कर सीजेपी समर्थकों को बदनाम करते हैं।
पथराव में 2 ACP समेत 6 पुलिसकर्मी घायल
जंतर-मंतर पर बुधवार को हुई हिंसा में पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक:
-
पहली घटना: शाम करीब 4:30 बजे प्रदर्शनकारियों के पथराव में पंजाबी बाग उपमंडल के एसीपी जय प्रकाश के माथे पर पत्थर लगा, जिससे वे घायल हो गए।
-
दूसरी घटना: देर रात हुए हमले में एक और एसीपी को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद एम्स (AIIMS) स्थानांतरित किया गया।
-
कुल मिलाकर दो एसीपी और चार पुलिसकर्मी इस हिंसा में घायल हुए हैं।
कार्रवाई पर छिड़ा सियासी संग्राम
एक तरफ जहां पुलिस उपद्रवियों की पहचान और तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल कानूनी कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।
-
20 जुलाई की घटना: हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छुड़ाने के लिए ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल खुद पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
-
सोनम वांगचुक की शर्त: पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने भी सरकार के समक्ष मांग रखी है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए।








