न्यू यॉर्क (मेटलाइफ स्टेडियम): फीफा वर्ल्ड कप 2026 के महामुकाबले का अंत एक ऐसी दास्तान के साथ हुआ, जिसे फुटबॉल जगत लंबे समय तक भूल नहीं पाएगा।[[आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज]] न्यू यॉर्क के भव्य मेटलाइफ स्टेडियम में जब फाइनल मैच की अंतिम सीटी बजी, तो मैदान पर जश्न और मातम का एक साथ संगम देखने को मिला। एक तरफ जहां स्पेन की टीम विश्व विजेता बनने का जश्न मना रही थी, वहीं दूसरी तरफ फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी अपने आंसुओं के समंदर को रोक नहीं पा रहे थे।

120 मिनट के सांस रोक देने वाले इस संघर्ष में एक्स्ट्रा टाइम के दौरान स्पेन के हाथों 1-0 की दर्दनाक हार झेलने के बाद अर्जेंटीना के कप्तान का दिल बुरी तरह टूट गया।[आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज] अपने करियर के इस संभावित आखिरी वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी की आंखें लगातार बहती रहीं—एक ऐसा नजारा जिसने स्टेडियम में मौजूद हजारों फैंस और टीवी पर देख रहे करोड़ों खेल प्रेमियों का दिल छल्ली कर दिया।
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फेरान टॉरेस के गोल ने तोड़ा अर्जेंटीना का सपना

मैच की शुरुआत से ही स्पेनिश टीम ने आक्रामक रुख अपनाए रखा और अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा।[आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज]मुकाबले का टर्निंग पॉइंट 90वें मिनट में आया, जब अर्जेंटीना के स्टार मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया।
10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही अर्जेंटीना की टीम ने एक्स्ट्रा टाइम में भी स्पेन का डटकर सामना किया, लेकिन 106वें मिनट में स्पेन के फेरान टॉरेस ने शानदार गोल दागकर अर्जेंटीना का दिल तोड़ दिया।
“मैच खत्म होने के बाद साथी खिलाड़ी और यहां तक कि विरोधी स्पेनिश खिलाड़ी भी मेसी को गले लगाकर ढांढस बंधाते नजर आए, लेकिन मेसी का गम इतना गहरा था कि किसी की सांत्वना उनके आंसुओं को थाम नहीं सकी।”
रनर-अप का मेडल चूम भी न सके कप्तान मेसी
मैच के बाद आयोजित प्राइज सेरेमनी का माहौल बेहद गमगीन था। जब अर्जेंटीना की टीम रनर-अप के रूप में मंच की तरफ बढ़ी, तो दर्शकों की निगाहें सिर्फ अपने कप्तान पर टिकी थीं।
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आंसुओं से भरी आंखें: जैसे ही फीफा अधिकारियों ने मेसी के गले में सिल्वर मेडल पहनाया, उनकी आंखों से फिर आंसू छलक पड़े।
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खामोश दर्द: आमतौर पर खिलाड़ी मेडल को चूमकर सम्मान देते हैं, लेकिन मेसी ने बेहद नम आंखों से उस मेडल को सिर्फ एक पल के लिए देखा और बिना चूमे, चुपचाप नीचे की ओर सिर झुकाकर मंच से उतर गए।
सुनहरी ट्रॉफी के इतने करीब आकर उसे गंवाने का मलाल मेसी के चेहरे पर साफ पढ़ा जा सकता था। उनका यह भावुक रूप इस बात का गवाह था कि अपने करियर के आखिरी मोड़ पर देश को एक और वर्ल्ड कप दिलाने का यह सपना उनके लिए क्या मायने रखता था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मेसी का दर्द

स्टेडियम से लेकर सोशल मीडिया तक, फैंस मेसी के इस भावुक विदाई जैसे पल से स्तब्ध हैं। भले ही स्पेन ने ट्रॉफी अपने नाम कर ली हो, लेकिन फुटबॉल फैंस के दिलों में मेसी के प्रति सम्मान और प्यार में कोई कमी नहीं आई है। खेल की दुनिया इस सच को स्वीकार करने में खुद को असमर्थ पा रही है कि इस महान जादुई सितारे का वर्ल्ड कप सफर इतने दर्दनाक मोड़ पर खत्म हुआ।
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