जयपुर 19 जुलाई । राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ त्रिपोलिया बाजार स्थित एक सदियों पुरानी जर्जर हवेली को गिराकर जब नई इमारत की नींव खोदी जा रही थी, तो जमीन के भीतर से कथित तौर पर करोड़ों रुपये का दबा हुआ खजाना निकल आया।
दावा किया जा रहा है कि इस खजाने में सोने और चांदी से भरे घड़े (कलश) और सिल्लियां शामिल थीं। हालांकि, हवेली मालिक को इसकी भनक तक नहीं लगी और ठेकेदार ने कथित रूप से मजदूरों के साथ मिलकर पूरा माल आपस में बांट लिया। अब यह मामला थाने पहुंच चुका है और पुलिस इसकी कड़ाई से तफ्तीश कर रही है।
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क्या-क्या मिला खुदाई में? (मालिक का दावा)
हवेली के मालिक राहुल सेठी (निवासी गांधी नगर) ने पुलिस में जो शिकायत दर्ज कराई है, उसमें खजाने की जो लिस्ट बताई गई है उसे सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएं:
📍चांदी की सिल्लियां: करीब 40 से 45 किलोग्राम (बाजार कीमत सवा करोड़ रुपये से अधिक)।
📍सोने के सिक्कों से भरे कलश: 14 से 15 घड़े (सोने की कीमत और वजन का सटीक आकलन अभी बाकी है)।
📍पुराने चांदी के सिक्के: लगभग 8 से 10 हजार सिक्के।
‘दीवार से जो भी निकलेगा, हमारा होगा’… पर हो गया खेल!
शिकायत के मुताबिक, हवेली मालिक ने निर्माण कार्य का ठेका महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू नाम के ठेकेदार को दिया था। काम शुरू होने से पहले दोनों पक्षों में बकायदा यह शर्त तय हुई थी कि खुदाई या मलबे में से कोई भी पुरानी या कीमती चीज मिलती है, तो उसे सीधे सेठी परिवार को सौंपना होगा।
कैसे खुला राज? ठेकेदार और उसके साथियों ने खजाना मिलने की बात पूरी तरह छुपा ली थी। लेकिन पाप का घड़ा तब फूटा जब वहां काम करने वाले ही एक मजदूर ने चुपके से हवेली मालिक को जमीन से निकले इस ‘कुबेर के खजाने’ की हकीकत बता दी।
पुलिस एक्शन: आधा दर्जन लोगों पर FIR, पूछताछ शुरू
मालिक की शिकायत पर जयपुर के माणक चौक थाने में ठेकेदार महेश मल्होत्रा सहित उसके सहयोगियों (अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पुलिस का क्या कहना है?
थाना अधिकारी राजेश के मुताबिक:
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शुरुआती जांच और इनपुट्स से यह साफ हो रहा है कि खुदाई के दौरान जमीन से कुछ न कुछ कीमती चीज जरूर निकली थी।
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हवेली मालिक के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और ठेका कंपनी के मालिकों व मजदूरों को थाने तलब किया गया है।
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जरूरत पड़ने पर सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि अगर खजाना निकला था, तो वह इस वक्त कहां छुपाकर रखा गया है।
पुलिस अब मामले से जुड़े कथित वीडियो और सबूतों को खंगालने में जुटी है। देखना होगा कि जयपुर की इस ऐतिहासिक जमीन से निकला यह खजाना सरकारी खजाने में जाता है या पुलिस इसे बरामद कर पाती है।
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