उज्जैन 19 जुलाई । मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित नीलगंगा क्षेत्र में शनिवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे, तलवार और पत्थरों के बाद ताबड़तोड़ चार राउंड फायरिंग हुई। इस गैंगवार में दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नरेश पासी को सुबह एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया है।
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तब्दील हुआ छावनी में इलाका: क्या था पूरा मामला?
पुलिस प्रशासन के अनुसार, नीलगंगा थाना क्षेत्र के गोरकर और पासी परिवार के बीच बीते होली के त्योहार से ही एक महिला को लेकर विवाद चल रहा था। शनिवार रात करीब 11 बजे इसी रंजिश का बदला लेने के लिए हमलावरों ने लोकेश गोरकर को उसके घर के बाहर घेर लिया।
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पहला हमला: दोनों पक्षों में जमकर पथराव और तलवारें चलीं। इसी बीच पासी पक्ष ने बंदूक निकाल ली और अंधाधुंध चार राउंड फायर किए।
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मौके पर मौत: एक गोली लोकेश गोरकर को लगी, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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बचाने आए भाई पर भी वार: जब लोकेश को बचाने उसका भाई जय, दिलीप और परिवार के अन्य सदस्य दौड़े, तो हमलावरों ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया।
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अस्पताल में दूसरी मौत: गंभीर रूप से घायल जय गोरकर ने रविवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पैर में गोली मारकर आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात कर क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी गुरु प्रसाद पराशर के निर्देशन में पुलिस टीमों ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की। रविवार सुबह पुलिस ने मुख्य आरोपी नरेश पासी को घेर लिया। आरोपी द्वारा भागने की कोशिश करने पर पुलिस ने ‘शॉर्ट एनकाउंटर’ में उसके पैर पर गोली मारकर उसे दबोच लिया।
एडिशनल एसपी गुरु प्रसाद पराशर का बयान: “प्रारंभिक जांच में मामला होली के समय हुई पुरानी रंजिश का ही सामने आया है। मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुका है और बाकी संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है।”








