रायपुर से बड़ी खबर: ईडी के शिकंजे में सेलिब्रिटी एंकर
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। करोड़ों रुपये के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप (Mahadev Betting App) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब ग्लैमर वर्ल्ड और स्पोर्ट्स इंडस्ट्री पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में ईडी की टीम ने मशहूर स्पोर्ट्स एंकर और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा (Shefali Bagga) को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसी उन्हें रायपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय लेकर पहुंची है, जहां बंद कमरे में उनसे लगातार तीखे सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
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पूछताछ के मुख्य बिंदु: आखिर क्यों रडार पर आईं शेफाली?
जांच से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, शेफाली बग्गा से पूछताछ का मुख्य आधार महादेव बेटिंग ऐप के साथ उनका कथित जुड़ाव है। ईडी मुख्य रूप से निम्नलिखित पहलुओं को खंगाल रही है:
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सेलिब्रिटी प्रमोशन और ब्रांडिंग: आरोप हैं कि शेफाली बग्गा ने महादेव सट्टा ऐप या उससे जुड़े सहायक ऐप्स के प्रमोशन और इवेंट्स में हिस्सा लिया था। ईडी यह पता लगा रही है कि इस प्रमोशन के एवज में उन्हें कितनी रकम दी गई थी।
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संदेहास्पद वित्तीय लेन-देन: जांच एजेंसी शेफाली के बैंक खातों, क्रेडिट कार्ड्स और हालिया वित्तीय ट्रांजैक्शंस को खंगाल रही है। ईडी को संदेह है कि उन्हें दी गई फीस का एक बड़ा हिस्सा अवैध जरिया से आया था।
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हवाला और सिंडिकेट कनेक्शन: ईडी इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि क्या शेफाली सीधे तौर पर महादेव ऐप के प्रमोटरों या उनके मुख्य हवाला ऑपरेटरों के संपर्क में थीं।
पुरानी कड़ियों से भी जुड़ रहे तार: गौरतलब है कि इससे पहले शेफाली बग्गा का नाम भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ भी कुछ विवादों और चर्चाओं में आया था। हालांकि, उस वक्त दोनों ही हस्तियों ने उन खबरों को पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत करार दिया था। लेकिन अब ईडी की इस सीधी कार्रवाई ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है।
91.82 करोड़ की संपत्ति कुर्क, दुबई कनेक्शन का भंडाफोड़
महादेव ऑनलाइन बुक और Skyexchange.com के खिलाफ ईडी का यह एक्शन बेहद बड़े स्तर पर चल रहा है। हाल ही में ईडी ने इस पूरे सिंडिकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए करीब 91.82 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की हैं।
इस कार्रवाई के तहत दुबई स्थित दो प्रमुख शेल कंपनियों— Perfect Plan Investment LLC और Exim General Trading के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है, जिनमें 74.28 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा थी।
ईडी का मुख्य आरोप: ईडी के मुताबिक, इस भारी-भरकम रकम का इस्तेमाल महादेव ऐप के मुख्य कर्ता-धर्ता सौरभ चंद्राकर, अनिल अग्रवाल और विकास छपरिया के माध्यम से भारत से लूटे गए अवैध धन (काले धन) को वैध बनाने यानी मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था।
आगे क्या? नए खुलासे होने की उम्मीद
शेफाली बग्गा से हो रही इस मैराथन पूछताछ के बाद छत्तीसगढ़ से लेकर मुंबई और दुबई तक हड़कंप मच गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि शेफाली से मिलने वाले इनपुट्स के आधार पर मनोरंजन और खेल जगत की कुछ और बड़ी हस्तियों को भी ईडी समन भेज सकती है।
कानूनी पहलू के मुताबिक, जब तक जांच एजेंसी अपनी चार्जशीट दाखिल नहीं कर देती और अदालत का फैसला नहीं आ जाता, तब तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगे आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता। फिलहाल, रायपुर में ईडी दफ्तर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सभी की नजरें इस हाई-प्रोफाइल पूछताछ पर टिकी हैं।








