रायपुर/सरगुजा 12 जुलाई : छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर अंदरूनी सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव (बाबा) को कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग अब सड़कों से उठकर सोशल मीडिया के गलियारों तक पहुंच चुकी है। समर्थकों ने सिंहदेव के पक्ष में एक बड़ा डिजिटल कैंपेन शुरू कर दिया है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज है। हालांकि, इस पूरे मामले पर खुद टीएस सिंहदेव ने सामने आकर अपने समर्थकों को नसीहत दी है और कहा है कि वे ऐसी बयानबाजी और पोस्ट से बचें।
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‘बाबा को कमान’ के नारों से गूंजा सोशल मीडिया

कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सिंहदेव के समर्थकों द्वारा फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप पर लगातार पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं। इन पोस्ट्स में अलग-अलग स्लोगन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें सबसे प्रमुख है:
“छत्तीसगढ़ प्रदेश में कांग्रेस की सरकार चाहिए, तो बाबा को देनी होगी प्रदेश की कमान।”
इन पोस्ट्स पर न सिर्फ आम जनता बल्कि कांग्रेस से जुड़े कई दिग्गज और जमीनी कार्यकर्ता भी जमकर कमेंट्स और रिएक्शन दे रहे हैं, जिससे यह साफ है कि पार्टी के भीतर एक धड़ा सिंहदेव को संगठन की मुख्य भूमिका में देखना चाहता है।
सिंहदेव की दोटूक— ‘हाईकमान तय करता है समय सीमा, कार्यकर्ता न करें ऐसा’

सोशल मीडिया पर चल रहे इस घमासान के बीच पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने बेहद सधे हुए अंदाज में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस कैंपेन को रोकने की अपील करते हुए कहा:
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कार्यकाल की कोई डेडलाइन नहीं: “मेरी जानकारी में प्रदेशाध्यक्ष का कोई निश्चित कार्यकाल समाप्त नहीं होता। जब दीपक बैज की नियुक्ति हुई थी, तब कोई तारीख तय नहीं की गई थी कि वे कब तक इस पद पर रहेंगे।”
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हाईकमान सर्वोपरि: “यह पूरी तरह से कांग्रेस हाईकमान का विशेषाधिकार है कि प्रदेश अध्यक्ष कौन रहेगा और कब तक रहेगा। कार्यकर्ताओं को यह निर्णय शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ देना चाहिए।”
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स्थिति बिगड़ने का डर: सिंहदेव ने सख्त लहजे में कहा कि कुछ लोग अपने मन की बात को रोक नहीं पाते हैं, लेकिन इस तरह के अनावश्यक पोस्ट से पार्टी के भीतर की स्थिति और ज्यादा बिगड़ती है, सुधरती नहीं।
दीपक बैज बनाम सिंहदेव: पुरानी है ये ‘अध्यक्ष पद’ की रार
यह पहला मौका नहीं है जब छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान दिखी हो। करीब दो महीने पहले खुद टीएस सिंहदेव ने मीडिया से बातचीत में खुलकर कहा था कि यदि पार्टी उन्हें जिम्मेदारी देती है, तो वे प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सिंहदेव के इस बयान पर मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने फौरन पलटवार करते हुए कहा था कि “टीएस बाबा वरिष्ठ नेता हैं, उन्हें दिल्ली (केंद्रीय राजनीति) में काम करना चाहिए और छत्तीसगढ़ में युवाओं को मौका देना चाहिए।” बैज के इस बयान के बाद अब समर्थकों का यह सोशल मीडिया कैंपेन साफ तौर पर उसी सियासी अदावत का अगला चैप्टर नजर आ रहा है।
आगे क्या?
छत्तीसगढ़ में सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट तेज है। एक तरफ जहां दीपक बैज युवाओं को आगे बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं, वहीं सिंहदेव समर्थकों का मानना है कि पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए ‘बाबा’ के अनुभव की जरूरत है। अब देखना यह होगा कि इस सोशल मीडिया वॉर पर दिल्ली दरबार (हाईकमान) क्या फैसला लेता है।
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