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[NEWS UPDATE] रायपुर में सेप्टिक टैंक  हादसा: राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का कड़ा रुख, दोषियों पर FIR और सख्त कार्यवाही के निर्देश

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रायपुर, छत्तीसगढ़: राजधानी के रामकृष्ण केयर अस्पताल में 17 मार्च को सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई तीन सफाई कर्मियों की दर्दनाक मृत्यु के मामले में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस घटना को मानवाधिकारों और सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए विस्तृत जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्यवाही के आदेश दिए हैं।

दोषियों पर तय होगी जवाबदेही आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित ठेकेदारों की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया है कि इस मामले में ‘मैनुअल स्कैवेंजर्स नियोजन प्रतिषेध अधिनियम, 2013’ के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

सुप्रीम कोर्ट के नियमों का उल्लंघन आयोग ने इस बात पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया कि उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद कर्मियों को बिना आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के टैंक के भीतर उतारा गया। आयोग के निर्देशानुसार:

  • सेप्टिक टैंक की मैनुअल सफाई पूरी तरह प्रतिबंधित है; इसके स्थान पर मैकेनिकल क्लीनिंग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।

  • नियमों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन पर सख्त जुर्माना और सजा का प्रावधान लागू किया जाए।

पीड़ित परिवारों को न्याय और मुआवजा आयोग ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि मृतकों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इसके अलावा, परिवारों के दीर्घकालिक पुनर्वास और विधि सम्मत पूर्ण मुआवजे का भुगतान समय सीमा के भीतर करने पर जोर दिया गया है।

भविष्य के लिए सख्त चेतावनी राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने देश भर के संस्थानों को चेतावनी दी है कि सफाई कर्मियों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है। भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित संस्थान का लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्यवाही की जा सकती है।


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