कोरबा। इंसान की किस्मत और वक्त कब दगा दे जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। कटघोरा के बरपाली गांव के एक छोटे से घर की खुशियां कल रात एक झटके में मातम में बदल गईं। घर का एकमात्र सहारा, 26 वर्षीय दीपेंद्र पटेल, जो अपनों का पेट पालने के लिए रात की ड्यूटी पर निकला था, वह कभी वापस नहीं लौटेगा। सीपेट (CIPET) के पास एक बेकाबू अज्ञात वाहन ने उसे ऐसी टक्कर मारी कि दीपेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
रात 10 बजे आखिरी बार कहा था- ‘ड्यूटी जा रहा हूँ’
परिजनों ने रुंधे गले से बताया कि दीपेंद्र सीएसईबी (CSEB) पावर प्लांट में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात था। कल रात करीब 10 बजे वह रोज की तरह घर पर खाना खाकर, मां-बाप को यह बोलकर निकला था कि वह ड्यूटी पर जा रहा है। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सीपेट के पास घात लगाए बैठे एक तेज रफ्तार काल (अज्ञात वाहन) ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दीपेंद्र का चेहरा और सीना पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।
राहगीरों ने देखा खून से लथपथ शव
सड़क पर खून से लथपथ पड़े युवक और क्षतिग्रस्त बाइक को देखकर राहगीरों के पैर ठिठक गए। तत्काल डायल 112 और दर्री पुलिस को सूचना दी गई। जब तक मदद पहुँचती, दीपेंद्र की सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने शिनाख्त होने के बाद जब परिजनों को फोन किया, तो घर में कोहराम मच गया। जिस बेटे के सुबह लौटने का इंतजार हो रहा था, उसकी मौत की खबर ने परिवार को तोड़कर रख दिया।
पीछे छोड़ गया बेसहारा परिवार
26 साल का दीपेंद्र अपने घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। पूरे परिवार की उम्मीदें उसी की नौकरी और उसी की मेहनत पर टिकी थीं। जिला मेडिकल कॉलेज के शव गृह के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका एक ही सवाल है— ‘अब हमारा क्या होगा?’
पुलिस की जांच शुरू, टक्कर मारने वाला फरार
दर्री पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से एक सड़क दुर्घटना है, लेकिन टक्कर मारकर भागने वाले वाहन का अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस आसपास के लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस ‘कातिल’ वाहन की पहचान की जा सके जिसने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया।








