जौनपुर/पुणे: “पापा, आज मेरी ड्यूटी महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की फ्लाइट में लगी है। मैं आपसे उनकी बात भी कराऊंगी।” मंगलवार को जब उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली पिंकी माली ने अपने पिता शिव कुमार को फोन किया, तो उसकी आवाज में एक अलग ही गर्व और खुशी थी। लेकिन पिता को क्या पता था कि बेटी का यह उत्साह भरा फोन कॉल उनकी जिंदगी की आखिरी बातचीत साबित होगी।
बुधवार को महाराष्ट्र के पुणे (बावधन) में हुए दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे ने पिंकी के उन तमाम सपनों को हमेशा के लिए शांत कर दिया।
हादसे से चंद घंटे पहले का वो कॉल
पिंकी माली पुणे में एक निजी विमानन कंपनी में बतौर केबिन क्रू काम कर रही थी। बुधवार सुबह जब हेलीकॉप्टर ने पुणे के ऑक्सफोर्ड गोल्फ क्लब के पास से उड़ान भरी, तो खराब मौसम और घने कोहरे की वजह से वह क्रैश होकर पहाड़ी इलाके में गिर गया। इस हादसे में पिंकी समेत चालक दल के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई।
जैसे ही यह खबर जौनपुर के लाइन बाजार इलाके में पिंकी के घर पहुँची, परिवार में कोहराम मच गया। पिता शिव कुमार माली अपनी सुध-बुध खो बैठे हैं। उन्हें बार-बार बेटी की वही आखिरी बात याद आ रही है कि वह उपमुख्यमंत्री से उनकी बात कराने वाली थी।
साधारण परिवार की ‘उड़ान’ थी पिंकी
पिंकी एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती थी। उसने अपनी मेहनत और लगन से एविएशन सेक्टर में जगह बनाई थी। वह न केवल अपना करियर संवार रही थी, बल्कि पूरे परिवार का सहारा भी थी। जौनपुर से पुणे तक का सफर तय करने वाली पिंकी की कामयाबी पर पूरे गांव को नाज था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ छीन लिया।
भावुक कर देने वाला मंजर
पिंकी के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। माँ का रो-रोकर बुरा हाल है और भाई-बहन स्तब्ध हैं। जिस बेटी के आसमान छूने की कहानियाँ लोग सुनाते थे, आज उसकी तस्वीर देख सबकी आँखें नम हैं। नियति का क्रूर मजाक देखिए कि जिस फ्लाइट में सवार होकर वह वीवीआईपी ड्यूटी करने वाली थी, वही सफर उसके जीवन का अंतिम सफर बन गया।








