कोरबा | 26 जनवरी, 2026 कोरबा जिला मुख्यालय के सीएसईबी फुटबॉल ग्राउंड में आज 77वें गणतंत्र दिवस का जिला स्तरीय समारोह बेहद गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने ध्वजारोहण कर परेड का निरीक्षण किया।

अनुशासित मार्च पास्ट और परेड के विजेता
परेड कमांडर सुबेदार अनंत राम पैंकरा के नेतृत्व में 10 टुकड़ियों ने शानदार मार्च पास्ट किया। प्रोफेशनल वर्ग में जिला पुलिस बल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी दक्षता का लोहा मनवाया। वहीं, वन रक्षक बल (वन विभाग) द्वितीय तथा जिला पुलिस बल (महिला) तृतीय स्थान पर रहे। नगर सेना (महिला व पुरुष) एवं सीआईएसएफ को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। नॉन-प्रोफेशनल वर्ग में एनसीसी सीनियर बालक ने प्रथम, गाइड दल सीनियर ने द्वितीय और एनसीसी सीनियर बालिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
सांस्कृतिक वैभव और झांकियां
स्कूली छात्र-छात्राओं की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। सांस्कृतिक स्पर्धा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरबा को प्रथम, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय को द्वितीय और डीडीएम पब्लिक स्कूल को तृतीय पुरस्कार मिला।
विभागीय झांकियों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की झांकी को प्रथम स्थान मिला। वनमण्डल कोरबा ने द्वितीय और नगर पालिका निगम कोरबा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
103 अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान
जिले में उत्कृष्ट सेवा देने वाले विभिन्न विभागों के 103 अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत, पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व सहित अन्य विभागों के कर्मवीर शामिल रहे।
गरिमामयी उपस्थिति
समारोह के दौरान मंच पर और दर्शक दीर्घा में प्रमुख जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से: संजू देवी राजपूत, महापौर, नगर निगम कोरबा, कुणाल दुदावत, कलेक्टर, कोरबा, सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक (SP), कुमार निशांत, वनमण्डलाधिकारी, कटघोरा, क्षितिज गुरभेले, सहायक कलेक्टर , आशुतोष पाण्डेय, नगर निगम आयुक्त, प्रेमलता यादव, वनमण्डलाधिकारी, कोरबा , दिनेश कुमार नाग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, देवेन्द्र पटेल, अपर कलेक्टर एवं भाजपा नेता गोपाल मोदी, डॉ. राजीव सिंह, जोगेश लांबा सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में आम जनता इस ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी।








