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रायपुर का नया रूप: ‘ईस्ट कॉरिडोर’ से बदलेगी पूर्वी दिशा, 250 एकड़ में बनेगा आधुनिक शहर!

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रायपुर, 13 दिसंबर। राजधानी रायपुर अब अपने शहरी विस्तार के एक नए और निर्णायक दौर में प्रवेश कर रहा है। शहर की लगातार बढ़ती आबादी, वाहनों का भारी दबाव और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए, रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) ने एक महत्वाकांक्षी संयुक्त परियोजना पर काम शुरू किया है। इस ‘ईस्ट कॉरिडोर’ प्रोजेक्ट से आने वाले वर्षों में रायपुर का नक्शा और यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।

5 KM लंबी, 45 मीटर चौड़ी ‘नई जीवन रेखा’

यह परियोजना शांति सरोवर ओल्ड विधानसभा रोड से शुरू होकर लाभांडी, कचना होते हुए सड्डू तक लगभग 5 किलोमीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी एक भव्य सड़क के रूप में विकसित होगी। यह सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि शहर के पूर्वी हिस्से को जोड़ने वाली नई ‘रीढ़ की हड्डी’ साबित होगी, जिससे कचना, शंकर नगर और आसपास की कॉलोनियों से गुजरने वाले ट्रैफिक का दबाव उल्लेखनीय रूप से कम होगा।

कौशल्या विहार की तर्ज पर 250 एकड़ का नियोजित विस्तार

इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के दोनों ओर की लगभग 250 एकड़ जमीन को सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाएगा। यह विकास कौशल्या विहार (पूर्व कमल विहार) और इंद्रप्रस्थ की तर्ज पर होगा, जिसमें सिर्फ आवासीय कॉलोनियां ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, दुकानें, बाजार और व्यावसायिक परिसर भी शामिल होंगे।

परियोजना के तहत सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, पार्क और अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं को आधुनिक स्तर का बनाया जाएगा। आरडीए ने इसके लिए एक सलाहकार की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जो योजना को तकनीकी रूप से मजबूत आधार देगा।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

इस बड़े शहरी विस्तार के लिए ग्राम कचना, लाभांडी और सड्डू की कुल 93.469 हेक्टेयर जमीन का उपयोग किया जाएगा। इसमें 293 भूमि स्वामियों की जमीनें अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित हैं, जिनमें कई बड़े बिल्डर और जमीन कारोबार से जुड़े लोग शामिल हैं।

भीड़भाड़ से राहत और भविष्य की तैयारी

पिछले एक दशक में रायपुर की आबादी और वाहनों की संख्या में हुई बेतहाशा वृद्धि ने मौजूदा सड़कों पर अभूतपूर्व भार डाल दिया है। इस नई योजना का प्राथमिक उद्देश्य शहर को भीड़भाड़ से मुक्ति दिलाना और अगले 20-25 वर्षों की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए एक संगठित एवं टिकाऊ शहरी विस्तार तैयार करना है।

इस 5 किलोमीटर लंबी सड़क में से 2 किलोमीटर हिस्सा पीडब्लूडी और शेष 3 किलोमीटर सड़क पर आरडीए काम करेगा। फिलहाल योजना का प्रारंभिक ड्राफ्ट और लेआउट तैयार हो चुका है, और अब भूमि अधिग्रहण, विस्तृत सर्वे तथा तकनीकी मंजूरी की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।

यह प्रोजेक्ट रायपुर के मास्टर प्लान का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पूर्वी रायपुर में बेहतर कनेक्टिविटी, चौड़ी सड़कों और आधुनिक सार्वजनिक सुविधाओं के साथ शहर को सुविधा और नया विस्तार देगा।

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