कोरबा 7 जून । छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न तो कानून का खौफ है और न ही लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का लिहाज। शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात दर्री और बांकीमोंगरा इलाके में बदमाशों ने आतंक का ऐसा खूनी खेल खेला, जिसने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है।

इस दुस्साहसिक वारदात में एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) का बेटा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, जबकि एक युवा पत्रकार को अगवा कर बर्बरता से पीटा गया और लूट लिया गया।
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खाली सड़क पर ‘ईगो’ की जंग: एएसआई के बेटे पर चढ़ा दी बोलेरो
वारदात की शुरुआत रात करीब 1 बजे बुधवारी बायपास मार्ग पर हुई। एएसआई रामनारायण रात्रे के पुत्र चंद्रमणि रात्रे (दादू) अपने कुछ दोस्तों के साथ कार में बैठकर बातचीत कर रहे थे। पूरी सड़क खाली थी, लेकिन तभी वहां पहुंचे एक सफेद बोलेरो सवार युवकों को न जाने क्या सनक सवार हुई। उन्होंने गाड़ी हटाने की बात को लेकर विवाद शुरू कर दिया।
बात बढ़ी तो चंद्रमणि रात्रे कार से बाहर निकले। इसी दौरान बोलेरो चालक ने क्रूरता की हदें पार करते हुए चंद्रमणि के ऊपर तेज रफ्तार गाड़ी चढ़ा दी (कुचल दिया) और रफ्तार पकड़ते हुए भाग निकला। चंद्रमणि को लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
सच तलाशने निकले पत्रकार का फिल्मी स्टाइल में अपहरण
इस हिट-एंड-रन वारदात को अपनी आंखों से देखने वाले युवा पत्रकार अरविंद राठौर ने हिम्मत दिखाई। वे अपने साथी साहिल निर्मलकर के साथ स्कूटी से उस बोलेरो का पीछा करने निकल पड़े। लेकिन बलगी मोड़ के पास घात लगाए बैठे शिकारियों ने खुद जाल बिछा रखा था। बोलेरो सवारों ने फोन कर अपने और साथियों को बुला लिया था।
NTPC मार्ग पर 2-3 बाइकों पर सवार होकर आए युवकों ने चलती स्कूटी से पत्रकार अरविंद को नीचे खींच लिया। इसके बाद फिल्मी अंदाज में उन्हें जबरन कार के भीतर ठूंसकर अगवा कर लिया गया।
30 गुंडे, पिस्टल से फायरिंग और ‘मौत’ समझकर सड़क पर फेंका
अपहरणकर्ता पत्रकार अरविंद को बलगी के एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां पहले से मौजूद 25 से 30 युवकों ने लाठी-डंडों से उन पर चौतरफा हमला बोल दिया। दहशत का आलम यह था कि एक आरोपी ने अरविंद की कनपटी पर पिस्टल तान दी और हवा में दो राउंड फायरिंग भी की।
बेरहमी से की गई इस पिटाई के बाद जब अरविंद बेसुध हो गए, तो हमलावरों ने उन्हें मरा हुआ समझ लिया और लाश की तरह सड़क किनारे फेंककर भाग निकले।
क्राइम के बाद तगड़ी लूटपाट: जाते-जाते ये शातिर अपराधी पत्रकार अरविंद के पास मौजूद करीब एक लाख कैश, उनका आईफोन, सोने की अंगूठी और गले की चेन भी लूट ले गए।
होश आया तो खुद दी सूचना, जांच में जुटी पुलिस की भारी फौज
कुछ समय बाद जब अरविंद को होश आया, तो उन्होंने दर्द से कराहते हुए अपने दूसरे मोबाइल से दोस्तों को लोकेशन दी। साथी तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें लहूलुहान हालत में बांकीमोंगरा थाना और फिर वहां से गंभीर हालत में निजी अस्पताल ले गए।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गूंज सीधे पुलिस मुख्यालय तक पहुंची। एसपी सिद्धार्थ तिवारी और एएसपी लखन पटले समेत भारी पुलिस बल रात से ही बुधवारी बायपास से लेकर बलगी मोड़ तक खाक छान रहा है। पुलिस का दावा है कि कुछ पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं और आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। लेकिन इस घटना ने कोरबा की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
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