जीत के बावजूद उपेक्षा पर उठे थे सवाल
मध्यप्रदेश न्यूज: पहले ब्लाइंड विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाली मध्य प्रदेश की तीन खिलाड़ियों—सुनीता सराठे (नर्मदापुरम), सुषमा पटेल (दमोह) और दुर्गा येवले (बैतूल)—को राज्य सरकार से सम्मान मिलने में हुई देरी पर मीडिया और आम जनता ने सवाल उठाए थे।

खिलाड़ियों ने अपनी निराशा व्यक्त की थी कि वर्ल्ड चैंपियन बनने के बावजूद उन्हें न तो तुरंत पुरस्कार मिला और न ही सीएम से मुलाकात का समय। इस दौरान, अन्य राज्यों जैसे ओडिशा (₹11 लाख + नौकरी), कर्नाटक (₹10 लाख + नौकरी), और आंध्र प्रदेश (₹15 लाख) ने अपनी खिलाड़ियों को तुरंत सम्मानित किया। दिलचस्प रूप से, मध्य प्रदेश की ये बेटियाँ आंध्र प्रदेश में डिप्टी सीएम पवन कल्याण द्वारा ₹5-5 लाख का इनाम पाकर सम्मानित हुई थीं।
कोच सोनू गोलकर ने भी कहा था कि एक सप्ताह तक कोशिश करने के बावजूद उन्हें सीएम से मिलने का अपॉइंटमेंट नहीं मिल पा रहा था।
मीडिया की पहल के बाद मुख्यमंत्री का संज्ञान
दैनिक भास्कर समेत मीडिया में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लिया और तीनों वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ियों को CM हाउस बुलाकर मुलाकात की।
CM ने किया बड़ा ऐलान
मुलाकात के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उपेक्षा के आरोपों को खत्म करते हुए बड़ा ऐलान किया:
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खिलाड़ियों को सम्मान निधि: तीनों खिलाड़ियों—सुनीता सराठे, सुषमा पटेल और दुर्गा येवले—को 25-25 लाख रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।
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सरकारी नौकरी: उनकी योग्यता के अनुसार तीनों को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।
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कोच का सम्मान: क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड, मध्य प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी और कोच सोनू गोलकर को भी ₹10 लाख की सम्मान निधि देने की घोषणा की गई।
- पूर्व में क्रांति गौड़ को मिला था बड़ा सम्मान
यह सम्मान राशि पूर्व में महिला विश्व कप विजेता टीम की सदस्य रहीं क्रांति गौड़ को दिए गए ₹1 करोड़ के चेक के बाद, राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दिया गया एक और महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है। यह घोषणा न केवल खिलाड़ियों की मेहनत को सम्मान देती है, बल्कि भविष्य के पैरा-एथलीटों के लिए भी एक मजबूत संदेश देती है।








