नई दिल्ली (8 जून): पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली करारी शिकस्त के बाद विपक्षी गठबंधन ‘INDI ब्लॉक’ आज दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में एक बेहद अहम बैठक करने जा रहा है।(आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) चुनावी नतीजों के बाद यह विपक्ष की पहली बड़ी सामूहिक बैठक है, जिसे आगामी राजनीतिक रणनीति और एकजुटता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बैठक की टेबल पर बैठने से ठीक पहले ही सहयोगी दलों के बीच आपसी खींचतान और मतभेद खुलकर सड़क पर आ गए हैं।
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एक तरफ जहां अंदरूनी घमासान मचा है, वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए ‘एक्स’ (Twitter) पर लिखा, “भारत की तरह INDIA जनबंधन अपनी विविधता के साथ एकजुट होकर खड़ा है।”
ममता-केजरीवाल की मुलाकात और 2029 का टारगेट
बैठक में हिस्सा लेने के लिए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी दिल्ली पहुंच चुकी हैं। दिल्ली आते ही पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनसे मुलाकात की। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) दोनों नेताओं के बीच हुई गर्मजोशी भरी मुलाकात के बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITMC) ने एक बड़ा संदेश देते हुए कहा कि जब भारत के लोग एकजुट होते हैं, तो दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें 2029 में न्याय, सम्मान और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने से नहीं रोक सकती।
आज होने वाली इस बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, उद्धव ठाकरे और अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई बड़े चेहरों के शामिल होने की उम्मीद है।
क्या होगा बैठक का एजेंडा?
हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक विपक्ष कई राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगा। जयराम रमेश के बयानों से साफ है कि बैठक में केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग, बढ़ती महंगाई, घरेलू बजट बिगड़ने, युवाओं की बेरोजगारी, कमजोर होते निवेश के माहौल और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ साझा प्रस्ताव लाया जा सकता है।
दलों की संख्या और अंदरूनी विरोध पर सस्पेंस
बैठक में शामिल होने वाले दलों की संख्या को लेकर भी असमंजस की स्थिति है। कांग्रेस जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), नेशनल कॉन्फ्रेंस, सपा, शिवसेना (UBT), राजद और TVK समेत 23 दलों की मौजूदगी का दावा कर रही है; वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में केवल 15 दलों के ही शामिल होने की बात कही जा रही है।
बैठक से पहले केरल और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की धुर विरोधी CPI(M) ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं। चुनाव के दौरान भाजपा से सांठगांठ के आरोपों से नाराज माकपा इस बैठक में शामिल तो हो रही है, लेकिन माना जा रहा है कि वह कांग्रेस के रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज कराएगी।
DMK और AAP पर सस्पेंस बरकरार
गठबंधन के लिए सबसे बड़ी चिंता DMK और AAP का रुख बनी हुई है। तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा TVK सरकार में शामिल होने के फैसले पर DMK ने ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाया है, जिससे दोनों के रिश्तों में खटास आ गई है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के भी इस बैठक से दूरी बनाने की खबरें सियासी गलियारों में तैर रही हैं।
भाजपा का तंज: ‘यह गठबंधन नहीं, सिर्फ कन्फ्यूजन है’
विपक्ष की इस महाबैठक पर तंज कसने में सत्ताधारी दल भाजपा ने भी देर नहीं की। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तथाकथित गठबंधन के पास देश के लिए कोई विजन नहीं है, इनके बीच सिर्फ और सिर्फ कन्फ्यूजन (भ्रम) है।







