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सावन का महीना: पाकिस्तान में भी शिव भक्ति की लौ जलती है  

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Shiva devotion: सावन का महीना भारत में शिव भक्ति की लहर दौड़ाने के लिए काफी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पाकिस्तान में भी भगवान शिव के भक्त पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ सावन मनाते हैं? पाकिस्तान के हिंदू श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा करते हैं और स्थानीय मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं।

कांवड़ यात्रा की परंपरा नहीं

पाकिस्तान में हिंदू समुदाय सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा करता है, लेकिन कांवड़ यात्रा की परंपरा भारत जैसी नहीं है। पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यक हैं और कई बार उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता पूरी तरह से नहीं मिल पाती। सुरक्षा, सामाजिक माहौल और प्रशासनिक कारणों से ऐसी यात्राएं बड़े पैमाने पर नहीं हो पातीं।

 

पाकिस्तान में शिव मंदिर

पाकिस्तान में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं, जो शिव भक्ति की परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। इनमें से कुछ प्रमुख मंदिर हैं:

कटासराज मंदिर: यह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है और भगवान शिव के आंसुओं से बने तीर्थों में से एक माना जाता है। यहां सावन और महाशिवरात्रि पर खास आयोजन होते हैं.

उमरकोट का शिव मंदिर: यह सिंध प्रांत में स्थित है और लगभग 1000 साल पुराना है।माना जाता हैं कि यह मंदिर उसी काल में बना जब भारत में खजुराहो के मंदिर बने थे यहां के स्थानीय हिंदू समुदाय की आस्था का यह केन्द्र हैं.

मनसेहरा का शिव मंदिर: यह खैबर पख्तूनख्वा इलाके में स्थित है और इसमें 2000 साल पुराना शिवलिंग है। जो इतिहास की गहराइयों से जुड़ा हुआ है.

रत्नेश्वर महादेव मंदिर: यह कराची में स्थित है और शिव के साथ अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित हैं.
सियालकोट का शिव मंदिर: यह विभाजन से पहले बहुत सक्रिय धार्मिक स्थल हुआ करता था.आज भी यहां के बचे खुचे हिन्दू समुदाय के लोग शिवरात्रि और सावन में श्रद्धा से पूजा करते है.

पाकिस्तान में हिंदू त्योहार

पाकिस्तान में हिंदू समुदाय विभिन्न त्योहार मनाता है, जिनमें होली, दिवाली, जन्माष्टमी आदि शामिल हैं। इसके अलावा, हिंगलाज माता मंदिर की वार्षिक हिंगलाज यात्रा भी एक महत्वपूर्ण तीर्थयात्रा है, जो बलूचिस्तान में स्थित है।

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