रायपुर 26 सितंबर 2026 Chandanpur Name Change : छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के ग्रामीणों के लिए शुक्रवार की रात ऐतिहासिक और गौरवमयी बन गई। लंबे समय से ग्राम ‘चंडालपुर’ का नाम बदलने की मांग कर रहे ग्रामीणों की इच्छा आखिरकार पूरी हो गई है। तेज बारिश और देर रात की परवाह न करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा स्वयं नई पहचान का राजपत्र (Gazette Notification) लेकर गांव पहुंचे और ग्रामीणों को इसकी प्रति सौंपी। अब यह गांव शासकीय अभिलेखों और पोर्टल में आधिकारिक रूप से ‘चंदनपुर’ के नाम से जाना जाएगा।

बारिश के बीच आत्मीय स्वागत और जश्न
शुक्रवार देर रात जब उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा चंदनपुर पहुंचे, तो तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके स्वागत के लिए उपस्थित रहे। गांव का नाम बदलने की आधिकारिक घोषणा सुनते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक क्षण का जश्न मनाया और उप मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया।
गांव के विकास के लिए ₹11.70 लाख की घोषणा और विशेष शिविर
नाम परिवर्तन की खुशी के साथ उप मुख्यमंत्री ने गांव के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 11.70 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की।
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विकास कार्य: इस राशि से गांव में सीसी रोड (Concrete Road) और एक सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा।
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विशेष शिविर का आयोजन: ग्रामीणों को अपने जरूरी दस्तावेजों (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड आदि) में गांव का नाम बदलवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए गांव में ही एक विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा।
“गांव का नाम केवल पहचान नहीं, जनभावनाओं से जुड़ा होता है”
समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा:
“गांवों के नाम केवल किसी स्थान की भौगोलिक पहचान नहीं होते, बल्कि उनमें स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाएं रची-बसी होती हैं। चंदनपुर नाम से गांव को नई पहचान मिलना ग्रामीणों के वर्षों पुराने मान-सम्मान और भावनाओं की जीत है।”
उन्होंने आगे बताया कि ग्रामीणों की मांग पर पहले प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया, जिसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई। माननीय राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद छत्तीसगढ़ शासन ने इसका विधिवत राजपत्र में प्रकाशन कर दिया है। उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अब अपनी बोलचाल और दैनिक व्यवहार में भी ‘चंदनपुर’ नाम का ही प्रयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम पर गर्व महसूस कर सकें।








