कोरबा 25 सितंबर 2026। शहर की वह बुलंद, बेबाक और निर्भीक आवाज भले ही आज शांत हो चुकी है, लेकिन उसकी गूंज कोरबा के हर संवेदनशील नागरिक के दिल में आज भी जिंदा है। वरिष्ठ पत्रकार और शहर के सजग चिंतक स्वर्गीय जसराज जैन की प्रथम पुण्यतिथि पर जैन भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनहित और शहर के प्रति उनके समर्पण का भावुक उत्सव बन गई।

एक ओर बाहर झमाझम बारिश और सड़कों पर लगा ट्रैफिक जाम था, तो दूसरी ओर उनके प्रति अपार जन-स्नेह। कोई बाधा शहरवासियों के कदमों को रोक न सकी। देखते ही देखते जैन भवन पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थित से सराबोर हो उठा। हर आँख नम थी और हर दिल में जसराज जी की आत्मीय यादें।
नवकार मंत्र के जाप से भावविभोर हुआ माहौल
कार्यक्रम का शुभारंभ एक घंटे तक चले सामूहिक नवकार मंत्र के दिव्य जाप के साथ हुआ। आध्यात्मिक मंत्रोच्चार के बीच वहां मौजूद हर शख्स भावुक नजर आया। इसके पश्चात उनके साथियों और स्नेहीजनों ने जसराज जी के साथ बिताए अविस्मरणीय पलों को साझा किया:
📍गहरे संस्मरण: प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष किशोर शर्मा अपने प्रिय मित्र को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने जसराज जी के मस्तमौला मिजाज, यात्राओं और आत्मीय प्रसंगों को साझा करते हुए कहा कि उनके साथ बिताया हर लम्हा यादगार है।
📍जनहित की निर्भीक कलम: वक्ताओं और कामरेड श्याम बिहारी बनाफर ने कहा कि जसराज जी केवल समाचार नहीं लिखते थे, बल्कि वे समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से सीधा संवाद करते थे। शहर के हितों पर उनकी कलम कभी चुप नहीं रही।
📍’जसराज भाई’ से लेकर ‘जसराज अंकल’ तक: इंदिरा बिहार विकास समिति के अध्यक्ष प्रकाश जैन ने याद किया कि जैन भवन में हमेशा उनका पहला स्वागत जसराज अंकल की मुस्कुराती छवि करती थी।
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संस्कारों का संकल्प: जैन समाज व चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष योगेश जैन, पूर्व चेंबर अध्यक्ष मोहन जैन, वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ केडिया और गेंदलाल शुक्ला , सनद दीवान ने जसराज जी के दिखाए रास्तों पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया।
“पिता की स्मृतियां ही हमारा मार्गदर्शक”
श्रद्धांजलि सभा के समापन पर स्व. जसराज जैन के पुत्र सुनील जैन ने उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “प्रतिकूल मौसम और भारी ट्रैफिक के बाद भी जिस तरह शहर ने आकर हमारे पिता को नमन किया है, उसने हमारे परिवार को भाव-विभोर कर दिया। हम तीनों भाई पिता जी के बताए संस्कारों और आदर्शों के मार्ग पर चलने के लिए समर्पित रहेंगे।”
कार्यक्रम में पारस जैन, पूर्व महापौर जागेश लांबा, कोरबा प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल, डॉ. बोर्डे और कमला नेहरू कॉलेज के प्राचार्य प्रशांत भोपापुरकर सहित नगर के तमाम वरिष्ठ जन उपस्थित रहे। जसराज जी भले ही भौतिक रूप से अलविदा कह चुके हैं, लेकिन उनकी निर्भीक पत्रकारिता और बेबाक पहचान कोरबा के इतिहास में सदा अमर रहेगी।








