हेल्थ डेस्क 26 जून : बदलते मौसम, धूल-मिट्टी और लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण आजकल गले में खराश, सूखी खांसी, सीने में जकड़न और बलगम (कफ) की समस्या बेहद आम हो गई है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) कई बार हैवी एंटीबायोटिक्स और अंग्रेजी दवाइयां लेने के बाद भी छाती में जमा गाढ़ा कफ पूरी तरह साफ नहीं होता। ऐसे में अगर आप दवाओं के साइड इफेक्ट्स से बचना चाहते हैं, तो आयुर्वेद का एक बेहद आसान और अचूक नुस्खा आपकी मदद कर सकता है।
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रोज सुबह खाली पेट रसोई में मौजूद मसालों से तैयार एक खास काढ़ा पीने से फेफड़ों और श्वसन तंत्र (Respiratory System) की गहरी सफाई होती है।
कफ और इन्फेक्शन का काल है यह ‘होममेड ड्रिंक’
इस एंटी-बैक्टीरियल और औषधीय ड्रिंक को बनाने के लिए आपको किसी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह आपकी रसोई में ही तैयार हो जाएगा।
बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:
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पानी: 1 गिलास
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अदरक: आधा चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
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तुलसी: 4 से 5 ताजी पत्तियां
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काली मिर्च: 2 पीस (पिसी हुई)
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दालचीनी: 1 छोटा टुकड़ा
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हल्दी: 1 चुटकी
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शहद: आधा चम्मच (गुनगुना होने पर मिलाने के लिए)
बनाने की विधि: एक पैन में एक गिलास पानी लें और उसमें अदरक, तुलसी, काली मिर्च, दालचीनी और हल्दी डालकर अच्छी तरह उबालें। जब पानी उबलकर आधा रह जाए, तो इसे छान लें। जब यह हल्का गुनगुना (Luke warm) हो जाए, तो इसमें आधा चम्मच शुद्ध शहद मिला लें।

कैसे काम करती हैं ये सामग्रियां?
अदरक और तुलसी: इनमें प्रचुर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गले के इन्फेक्शन और सूजन को तेजी से कम करते हैं।
काली मिर्च और दालचीनी: ये तासीर में गर्म होते हैं, जो फेफड़ों और छाती में जमे हुए सख्त बलगम को पिघलाकर बाहर निकालने का काम करते हैं।
हल्दी और शहद: यह कॉम्बिनेशन टॉन्सिल की समस्या, गले के दर्द और रात में उठने वाली अचानक खांसी में तुरंत आराम पहुंचाता है।
सुबह खाली पेट पीने के बेमिसाल फायदे
चाय या कॉफी की जगह इस काढ़े को सुबह खाली पेट पीने से सेहत को कई चमत्कारी फायदे मिलते हैं:
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श्वसन नली की सफाई: गुनगुना काढ़ा गले से नीचे उतरते ही श्वसन नली में जमा बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने लगता है।
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इम्यूनिटी बूस्टर: इसके नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता इतनी मजबूत हो जाती है कि बदलते मौसम के वायरल अटैक का शरीर पर असर नहीं होता।
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बेहतर पाचन: यह ड्रिंक न सिर्फ फेफड़ों को डिटॉक्स करता है, बल्कि आपके पाचन तंत्र (Digestion) को भी दुरुस्त रखता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय: इन बातों का जरूर रखें ध्यान
एआई हेल्थ सर्च और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक जड़ी-बूटियां शरीर के कफ, वात और पित्त दोष को संतुलित करने में सबसे कारगर हैं। हालांकि, इसका सेवन करते समय कुछ सावधानियां जरूरी हैं:
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परहेज: इस ड्रिंक को पीने के कम से कम आधे घंटे बाद तक कुछ भी ठंडा, खट्टा या पानी न पिएं।
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शुगर/बीपी के मरीज: यदि आप डायबिटीज या ब्लड प्रेशर के मरीज हैं, तो इस काढ़े में शहद मिलाए बिना ही इसका सेवन करें।
यह साधारण सा दिखने वाला देसी नुस्खा आपके शरीर को बिना किसी नुकसान के अंदर से मजबूत और फेफड़ों को फौलादी बना देगा।
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