प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की चर्चित कुंडा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह को प्रशासन ने एक बार फिर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया है। मुहर्रम के त्योहार के दौरान इलाके में किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए प्रशासन ने उदय प्रताप सिंह समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की है।
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भदरी किले पर भारी पुलिस फोर्स तैनात, गेट पर चस्पा हुआ नोटिस
कार्रवाई के तहत राजा भैया के पुश्तैनी आवास ‘भदरी किला’ के मुख्य द्वार पर प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। किले के गेट पर बकायदा एक आधिकारिक नोटिस भी चस्पा किया गया है।
नजरबंदी की अवधि: कुंडा एसडीएम के आदेश के मुताबिक, उदय प्रताप सिंह अपने साथियों के साथ गुरुवार सुबह 5 बजे से लेकर शुक्रवार रात 9 बजे तक हाउस अरेस्ट रहेंगे। इस दौरान उन्हें और उनके सहयोगियों को घर से बाहर निकलने की कतई अनुमति नहीं होगी।
क्यों की गई यह कार्रवाई? (विवाद का पूरा इतिहास)
प्रशासन मुहर्रम के पर्व को शांतिपूर्ण और बिना किसी बाधा के संपन्न कराना चाहता है। इस एहतियाती कार्रवाई के पीछे साल 2015 का एक पुराना विवाद है:
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2015 का विवाद: प्रतापगढ़ के शेखपुर आशिक गांव में एक बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने वहां हनुमान मंदिर बनाया था। साल 2015 में मुहर्रम के ही दिन इस मंदिर में हनुमान पाठ और भंडारे का आयोजन किया गया था, जिसके बाद मुहर्रम के जुलूस और भंडारे को लेकर भारी बवाल हो गया था।
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हर साल होती है नजरबंदी: इस घटना के बाद से ही इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन हर साल मुहर्रम के मौके पर राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह को नजरबंद करता है। उदय प्रताप सिंह हर साल मुहर्रम के दिन इसी मंदिर में भंडारा और हनुमान पाठ आयोजित करने की जिद पर अड़े रहते हैं, जिसे प्रशासन सुरक्षा कारणों से ‘विवादित कार्यक्रम’ मानता है।
अलर्ट मोड पर प्रशासन, छावनी में बदला शेखपुर आशिक गांव
मुहर्रम के ताजिए शांतिपूर्ण तरीके से निकाले जा सकें, इसके लिए पूरा जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील माने जाने वाले शेखपुर आशिक गांव को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है और वहां भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।








