कोरबा 25 जून । जिले में धड़ल्ले से चल रहा अवैध रेत खनन का काला कारोबार एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां निगल úगया है। स्थानीय प्रशासन भले ही कागजों पर नदी-नालों से रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध का दावा करता रहे, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। रेत माफिया पूरी तरह बेखौफ होकर नदियों का सीना चीर रहे हैं और अब इसकी कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
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मिली जानकारी के अनुसार, मड़वारानी क्षेत्र की सोन नदी से अवैध रूप से रेत लोड करके लौट रहा एक ट्रैक्टर ग्राम जरवे के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भयावह था कि ट्रैक्टर के इंजन के नीचे दबने से 29 वर्षीय शिवकुमार पटेल की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में ट्रैक्टर चालक अमित कुमार सहित एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
एक मौत और व्यवस्था पर खड़े होते गंभीर सवाल
शिवकुमार की असमय मौत केवल एक सड़क हादसा नहीं है, बल्कि यह उस प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है जो प्रतिबंध के बावजूद इस अवैध कारोबार को रोक पाने में नाकाम साबित हो रही है। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
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जब पूरे जिले में रेत उत्खनन पर सख्त रोक लगी है, तो सोन नदी से ट्रैक्टरों में भरकर रेत कैसे निकाली जा रही थी?
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आखिर किस रसूखदार और किसकी शह पर यह अवैध कारोबार दिन-रात फल-फूल रहा है?
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क्या जिम्मेदार खनिज विभाग और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक नहीं थी, या फिर सब कुछ देखकर भी जानबूझकर आंखें मूंद ली गई थीं?
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ अवैध खनन पर पूरी तरह लगाम लगाने की मांग कर रहे हैं।








