बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 6 जून :
NEET पेपर लीक मामले को लेकर बिलासपुर में हुए उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कांग्रेस और NSUI (भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन) के बड़े नेताओं पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय और बिलासपुर जिला शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा सहित कई दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज की है।
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कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान हुआ था हंगामा
मामला 3 जून का है, जब कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता NEET परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के बंगले का घेराव करने निकले थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को मंत्री के बंगले तक पहुँचने से रोक दिया। इसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए, जिससे पूरे इलाके में यातायात ठप हो गया और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने न केवल अवैध रूप से मुख्य मार्ग को बाधित किया, बल्कि बलवे जैसी स्थिति भी पैदा की। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है:
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धारा 126(2) (अवैध रूप से रास्ता रोकना)
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धारा 190 (गैरकानूनी जनसमूह का हिस्सा होना)
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धारा 191(2) (बलवा करना)
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धारा 292 और 293 (लोक शांति भंग करना और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालना)
राजनीतिक गलियारों में हलचल: NEET पेपर लीक के विरोध में हुए इस बड़े प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे। अब इस मामले में बड़े नेताओं पर FIR दर्ज होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी और गरमाने के आसार हैं।








